नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत-यूएई मुक्त व्यापार समझौते के तहत सोना आयात करने के लिए शुल्क दर कोटा के लिए अधिकृत आयातकों को जारी लाइसेंस का इस्तेमाल करने के लिए 30 सितंबर तक का और समय दिया है।
भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने मई, 2022 में एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) लागू किया था। इस समझौते के तहत, भारत ने शुल्क दर कोटा (टीआरक्यू) के तहत एक प्रतिशत शुल्क या शूल्क छूट के साथ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से सालाना 200 टन तक सोना आयात करने पर सहमति जताई थी।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक सार्वजनिक नोटिस में कहा, ‘‘भारत-यूएई सीईपीए के तहत जारी सोने के आयात के लिए टीआरक्यू की मंजूरी की वैधता… जो 30.09.2026 तक बढ़ गई है।’’
इसमें कहा गया है कि टीआरक्यू मंजूरी के इस स्वत: समयविस्तार का लाभ उठाने के लिए किसी अलग आवेदन, कंपोजिशन शुल्क, संशोधन की जरूरत नहीं है।
यूएई से सोने का आयात वित्त वर्ष 2024-25 में 16.83 अरब डॉलर से नौ प्रतिशत घटकर 2025-26 में 15.4 अरब डॉलर रह गया। यह वित्त वर्ष 2022-23 में 7.64 अरब डॉलर, 2021-22 में 3.08 अरब डॉलर और 2020-21 में 5.9 अरब डॉलर था।
पिछले वित्त वर्ष में भारत का कुल सोने का आयात लगभग 72 अरब डॉलर का हुआ था, जो 2024-25 के 58 अरब डॉलर से 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
इसके अलावा, एक अलग व्यापार नोटिस में, डीजीएफटी ने कहा कि उसने उन निर्यातकों से जानकारी मांगी है जिन्हें गेहूं के आटा और उससे जुड़ी चीजें निर्यात करने के लिए अधिकृत किया गया था।
इसमें कहा गया, ‘‘…सक्षम अधिकारी ने पहले से आवंटित मात्रा के इस्तेमाल की समीक्षा करने और अगर कोई कोटा इस्तेमाल नहीं हुआ है, तो उसे आगे आवंटित करने की जरूरत का आकलन करने का फ़ैसला किया है।’’
निर्यातकों को चार्टर्ड अकाउंटेंट से जारी इस्तेमाल के प्रमाणपत्र जमा करने होंगे। इन प्रमाणपत्र में 30 जून, 2026 तक आवंटित अधिकार के तहत निर्यात की गई मात्रा की जानकारी होनी चाहिए।
भाषा राजेश राजेश अजय
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