मुंबई, एक जुलाई (भाषा) बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने उस घटना की गहन जांच के लिए बुधवार को दो सदस्यीय समिति का गठन किया, जिसमें मुंबई के चेंबूर इलाके में एक स्कूल बस पर पेड़ गिरने से एक छात्र की मौत हो गई थी।
बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे ने उप नगर आयुक्त (विशेष अभियांत्रिकी) पुरुषोत्तम मालवाडे और उप नगर आयुक्त (अभियांत्रिकी) शशांक भोरे को विस्तृत जांच करने और आठ दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
नगर निकाय ने एक बयान में कहा कि समिति से विशेषज्ञों की राय लेने और ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के उपाय सुझाने के लिए भी कहा गया है।
मंगलवार को चेंबूर (पश्चिम) में डायमंड गार्डन के पास, एक स्कूल बस पर पीपल का एक पेड़ गिर गया, जिससे 11 वर्षीय एक छात्र की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। बस में 13 छात्र सवार थे।
बीएमसी की विज्ञप्ति के अनुसार, पीपल का यह पेड़ 60-70 साल पुराना था और इसकी हालत के बारे में पहले कोई आधिकारिक सार्वजनिक शिकायत नहीं मिली थी।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस साल 12 मई को पेड़ का सर्वेक्षण किया गया था और बाहरी जांच में यह सही स्थिति में पाया गया था। मानसून से पहले पेड़ों की सालाना देखभाल के तहत 29 मई को इसकी छंटाई भी की गई थी, और तब भी यह सुरक्षित पाया गया था।
बीएमसी के अनुसार, मानसून से पहले की तैयारी के तहत, नगर निकाय ने 2026 में पूरे शहर में 468 सूख चुके या खतरनाक स्थिति में मौजूद पेड़ों की पहचान करके उन्हें हटाया और 1,00,318 पेड़ों की छंटाई की।
नगर निकाय ने बताया कि 2023 में मुंबई में 687 पेड़ गिरे थे, जिनमें से 180 बीएमसी की जमीन पर और 507 निजी संपत्ति पर थे। यह संख्या 2024 में 653 थी और 2025 में बढ़कर 855 हो गई।
भाषा सुभाष रंजन
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