वेदांता का पहली तिमाही में शुद्ध लाभ 72 प्रतिशत बढ़कर 5,473 करोड़ रुपये पर

वेदांता का पहली तिमाही में शुद्ध लाभ 72 प्रतिशत बढ़कर 5,473 करोड़ रुपये पर

वेदांता का पहली तिमाही में शुद्ध लाभ 72 प्रतिशत बढ़कर 5,473 करोड़ रुपये पर
Modified Date: July 30, 2026 / 05:06 pm IST
Published Date: July 30, 2026 5:06 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) धातु एवं खनन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वेदांता लिमिटेड का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 71.8 प्रतिशत बढ़कर 5,473 करोड़ रुपये रहा। मुख्य रूप से धातु कीमतों में तेजी, रुपये की विनिमय दर में गिरावट और अधिक बिक्री के कारण कंपनी का लाभ बढ़ा है।

अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली कंपनी का 2025-26 की पहली (अप्रैल-जून) तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 3,185 करोड़ रुपये था।

कंपनी ने बृहस्पतिवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में परिचालन आय 53.6 प्रतिशत बढ़कर 24,205 करोड़ रुपये हो गई जो एक साल पहले 15,754 करोड़ रुपये थी।

समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 17,558 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 13,203 करोड़ रुपये था।

वेदांता लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक अरुण मिश्रा ने कहा, ‘‘ वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत हमने मजबूत प्रदर्शन के साथ की है। कारोबार अलग करने (डीमर्जर) के बाद वेदांता के सभी कारोबार खंडों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। हमारे पूरे कारोबार में लगातार परिचालन प्रदर्शन हमारी परिसंपत्तियों की मजबूती तथा उत्पादन वृद्धि, लागत दक्षता और मूल्य सृजन पर निरंतर ध्यान का परिणाम है।’’

कंपनी ने बयान में कहा कि वित्तीय लागत सालाना आधार पर नौ प्रतिशत बढ़ी जबकि तिमाही आधार पर इसमें पांच प्रतिशत की कमी आई।

इस बीच, निदेशक मंडल ने अरुण मिश्रा की कार्यकारी निदेशक के रूप में पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी है। साथ ही उन्हें एक अगस्त, 2026 से एक वर्ष के लिए कंपनी का मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) भी नामित किया है। यह नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन होगी।

निदेशक मंडल ने मूल्य सृजन के उद्देश्य से कंपनी के रियल एस्टेट कारोबार को अलग करने को भी मंजूरी दी।

भाषा निहारिका रमण

रमण


लेखक के बारे में