कोलकाता, नौ अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल के उद्योग मंत्री तापस रॉय ने रविवार को कहा कि सरकार राज्य में नए निवेश लाने के लिए टाटा समूह के साथ बातचीत कर रही है।
टाटा मोटर्स ने अक्टूबर, 2008 में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ चले लंबे आंदोलन के बाद सिंगूर से अपनी नैनो कार परियोजना वापस लेकर उसे गुजरात के साणंद स्थानांतरित कर दिया था।
रॉय ने कहा, ‘‘हम टाटा समूह के संपर्क में हैं। उन्हें राज्य में निवेश के लिए लाने को लेकर बातचीत जारी है।’’
उन्होंने कहा कि टाटा समूह की पश्चिम बंगाल में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवाओं, धातु, आतिथ्य और खुदरा सहित कई क्षेत्रों में मौजूदगी है।
रॉय ने कहा, ‘‘टाटा समूह का कारोबार केवल वाहन क्षेत्र तक सीमित नहीं है। यह देखा जा रहा है कि वह अपने मौजूदा कारोबार का विस्तार करना चाहता है या नई इकाइयां स्थापित करना चाहता है।’’
सिंगूर परियोजना छोड़ने के बाद पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम (डब्ल्यूबीआईडीसी) द्वारा टाटा मोटर्स को मध्यस्थता न्यायाधिकरण के फैसले के तहत ब्याज सहित भुगतान किए जाने के बारे में पूछे जाने पर रॉय ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार को ऐसे मामलों पर विचार करना होगा।’’
मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने 30 अक्टूबर, 2023 को सिंगूर परियोजना से हटने के मामले में राज्य सरकार को आदेश दिया था कि वह टाटा मोटर्स को 765.78 करोड़ रुपये के साथ उस पर 11 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दे।
रॉय ने दावा किया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के लिए यह देनदारी छोड़ गई है।
यह पूछे जाने पर कि राज्य सरकार इस राशि का भुगतान कैसे करेगी, उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस पर टिप्पणी नहीं करूंगा। अभी इस बारे में कुछ कहने का समय भी नहीं है।’’
भाषा योगेश पाण्डेय
पाण्डेय