पश्चिम बंगाल के 7वें वेतन आयोग के नियमों-शर्तों में केंद्र के साथ वेतन समानता शामिल

पश्चिम बंगाल के 7वें वेतन आयोग के नियमों-शर्तों में केंद्र के साथ वेतन समानता शामिल

पश्चिम बंगाल के 7वें वेतन आयोग के नियमों-शर्तों में केंद्र के साथ वेतन समानता शामिल
Modified Date: August 8, 2026 / 08:46 pm IST
Published Date: August 8, 2026 8:46 pm IST

कोलकाता, आठ अगस्त (भाषा) केंद्रीय वेतन आयोग के तहत आने वाले कर्मचारियों के साथ वेतन समानता, 11 साल बाद रूपांतरित पेंशन की बहाली और वार्षिक वेतन वृद्धि को तीन से बढ़ाकर कम से कम पांच प्रतिशत करना पश्चिम बंगाल के सातवें वेतन आयोग के नियमों और शर्तोंमें शामिल हैं।

हाल में गठित यह आयोग राज्य सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों में व्यापक संशोधन तथा करियर प्रगति, सेवानिवृत्ति और स्वास्थ्य देखभाल लाभों में बदलाव का प्रस्ताव करने पर विचार कर रहा है।

आयोग को मौजूदा वेतन ढांचे, भत्तों, पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों की समीक्षा कर उन्हें मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों तथा महंगाई के अनुरूप तर्कसंगत बनाने का दायित्व दिया गया है।

सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावों का मकसद सेवा शर्तों के सभी प्रमुख पहलुओं को इसमें शामिल करते हुए मौजूदा व्यवस्था की विसंगतियों को दूर करना है।

सातवें वेतन आयोग के कार्य-दायरे में राज्य सरकार के कर्मचारियों और केंद्रीय वेतन आयोग के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के वेतन स्तर में समानता लाना, पूरे देश में एक जैसा स्तर हासिल करना और वेतन ढांचे में अंतर के कारण होने वाले कानूनी विवादों को कम करना शामिल है।

प्रस्तावित शर्तों में औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर महंगाई भत्ता तय करने की व्यवस्था शुरू करने और इसके भुगतान के लिए एक स्थायी आदेश की सिफारिश करने की भी बात कही गई है।

आयोग से कहा गया है कि वह एक जनवरी, 2026 से संशोधित वेतन ढांचे को केवल कागजी तौर पर नहीं, बल्कि असल में लागू करने पर विचार करे।

भाषा यासिर पाण्डेय

पाण्डेय


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