नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) चालू रबी सत्र में नौ जनवरी तक गेहूं का रकबा दो प्रतिशत बढ़कर 334.17 लाख हेक्टेयर हो गया। सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
पिछले रबी सत्र के इसी समय में गेहूं का रकबा 328.04 लाख हेक्टेयर था।
रबी की एक मुख्य फसल गेहूं की बुवाई आमतौर पर अक्टूबर से शुरू होती है। बेहतर मॉनसूनी बारिश और सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को देखते हुए किसानों को बुवाई का रकबा बढ़ाया है।
सोमवार को एक सरकारी बयान में, केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने नौ जनवरी, 2026 तक रबी फसलों के खेती के रकबे में हुई प्रगति की जानकारी दी।
आंकड़ों के मुताबिक, धान का रकबा पहले के 19.49 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 21.71 लाख हेक्टेयर हो गया। दलहन की बुवाई का रकबा पहले के 132.61 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 136.36 लाख हेक्टेयर हो गया, जबकि मोटे अनाज का रकबा पहले के 53.17 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 55.20 लाख हेक्टेयर हो गया।
तिलहन खेती का रकबा पहले के 93.33 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 96.86 लाख हेक्टेयर हो गया।
बयान में कहा गया, ‘‘रबी की कुल फसल का रकबा 644.29 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जो सत्र के दौरान हुई लगातार वृद्धि को दिखाता है।’’
पिछले रबी सत्र में सभी रबी फसलों का कुल रकबा 626.64 लाख हेक्टेयर था।
भाषा राजेश राजेश रमण
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