डीजल, एटीएफ निर्यात पर लगाए गए अप्रत्याशित लाभ कर की हर पखवाड़े होगी समीक्षा: सीबीआईसी

डीजल, एटीएफ निर्यात पर लगाए गए अप्रत्याशित लाभ कर की हर पखवाड़े होगी समीक्षा: सीबीआईसी

डीजल, एटीएफ निर्यात पर लगाए गए अप्रत्याशित लाभ कर की हर पखवाड़े होगी समीक्षा: सीबीआईसी
Modified Date: March 27, 2026 / 04:47 pm IST
Published Date: March 27, 2026 4:47 pm IST

नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) पर लगाए गए विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क या अप्रत्याशित लाभ कर की हर पखवाड़े समीक्षा करेगी।

चतुर्वेदी ने संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) लगाने का उद्देश्य डीजल और एटीएफ की घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि एसएईडी से पहले पखवाड़े में लगभग 1,500 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।

सरकार ने निर्यात को हतोत्साहित करने और घरेलू आपूर्ति में सुधार लाने के लिए डीजल पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया है। नई दरें शुक्रवार से लागू हो गईं।

एसएईडी एक ऐसा कर है जिसे पहली बार जुलाई 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रिफाइनरियों को हुए अप्रत्याशित लाभ को नियंत्रित करने के लिए लागू किया गया था। इसे दिसंबर 2024 में हटा लिया गया था।

इसके अलावा, सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। यह कदम पश्चिम एशिया के संघर्ष से वैश्विक तेल कीमतों में आई तेज वृद्धि से घरेलू उपभोक्ताओं को बचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

सीबीआईसी प्रमुख ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती से अगले 15 दिन में 7,000 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा।

चतुर्वेदी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती का उद्देश्य तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की ‘अंडर-रिकवरी’ (कम वसूली) को कम करना और यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों के लिए कीमतें न बढ़ें।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है। इससे उपभोक्ताओं को कीमतों में वृद्धि से सुरक्षा मिलेगी। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और लागत में उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रखा जाए।’’

उन्होंने कहा कि डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ के निर्यात पर 29.5 रुपये प्रति लीटर शुल्क लगाया गया है।

सीतारमण ने कहा, ‘‘ इससे घरेलू खपत के लिए इन उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी। संसद को भी इसके बारे में सूचित कर दिया गया है।”

पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती के राजस्व प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर चतुर्वेदी ने कहा कि राजस्व विभाग आपूर्ति के रुझान पर नजर रख रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘ स्थिति गतिशील है। हम कठिन समय में जी रहे हैं।’’

उत्पाद शुल्क में यह कटौती अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेज उछाल के कारण तेल कंपनियों को हुए रिकॉर्ड नुकसान के बाद की गई है। पेट्रोल और डीजल बनाने के कच्चे माल कच्चे तेल की कीमत इस महीने लगभग 50 प्रतिशत बढ़ गई है, क्योंकि अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले तथा तेहरान की व्यापक जवाबी कार्रवाई से वैश्विक आपूर्ति बाधित हुई है।

तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने के बावजूद पेट्रो पंपों पर कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। इससे तेल कंपनियों को रिकॉर्ड नुकसान हुआ, जिसका असर उनके कार्यशील पूंजी पर भी पड़ने लगा था।

इस दबाव को कम करने के लिए सरकार ने उत्पाद शुल्क में कटौती की। यह कमी पेट्रोल की कीमत में आवश्यक 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल में आवश्यक 30 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि के मुकाबले समायोजित की जाएगी, जो अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में वृद्धि के कारण आवश्यक हो गई थी।

इस महीने की शुरुआत में ईरान युद्ध के तेज होने के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, जो बाद में घटकर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल रह गईं।

तनाव के पहले संकेत तब मिले जब देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन खुदरा कंपनी नायरा एनर्जी ने बृहस्पतिवार को पेट्रोल की कीमत पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी। नायरा के पंपों पर अब पेट्रोल 100.71 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.31 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

सरकारी स्वामित्व वाली ईंधन खुदरा कंपनियां (जिनका बाजार में लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा है) अब भी कीमतों को स्थिर रखे हुए हैं। उनके बिक्री केंद्रों पर दिल्ली में सामान्य पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है, जबकि उसी श्रेणी का डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।

भाषा निहारिका रमण

रमण


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