विप्रो का पहली तिमाही का शुद्ध लाभ 3,352 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर
विप्रो का पहली तिमाही का शुद्ध लाभ 3,352 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर
नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी विप्रो का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 3,352 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर रहा।
कंपनी का शुद्ध लाभ 2025-26 की पहली (अप्रैल-जून) तिमाही में 3,330.4 करोड़ रुपये था।
विप्रो ने बृहस्पतिवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि कंपनी की परिचालन आय पहली तिमाही में 10.6 प्रतिशत बढ़कर 24,478.6 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 22,134.6 करोड़ रुपये थी।
कंपनी का शुद्ध लाभ तिमाही आधार पर 4.2 प्रतिशत घटा, जबकि परिचालन आय में एक प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई।
विप्रो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक श्रीनिवास पल्लिया ने कहा, ‘‘ग्राहक अब केवल प्रौद्योगिकी आधुनिकीकरण तक सीमित नहीं हैं बल्कि गुणवत्ता, लचीलापन और उत्पादकता बढ़ाने वाला कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित परिचालन मॉडल अपना रहे हैं। विप्रो का परामर्श-आधारित और एआई-संचालित दृष्टिकोण ग्राहकों को उनके कारोबार के केंद्र में एआई को शामिल करने में मदद करता है। ये अनुबंध हमारी क्षमताओं की व्यापकता और परिवर्तन सहयोगी के रूप में ग्राहकों के भरोसे को दर्शाते हैं।’’
कंपनी ने दूसरी (जुलाई-सितंबर) तिमाही में अपनी आईटी सेवा इकाई से 257.4 करोड़ डॉलर से 262.7 करोड़ डॉलर के बीच राजस्व का अनुमान जताया है। यह तिमाही आधार पर 1.5 प्रतिशत की गिरावट से 0.5 प्रतिशत की वृद्धि के दायरे का संकेत देता है।
विप्रो के निदेशक मंडल ने प्रति शेयर दो रुपये के अंतरिम लाभांश की भी घोषणा की।
विप्रो की मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) अपर्णा अय्यर ने कहा, ‘‘इस लाभांश और पिछले एक वर्ष के दौरान किए गए अन्य भुगतान को मिलाकर हम अपने शेयरधारकों को तीन अरब डॉलर से अधिक नकद लौटाएंगे, जबकि साथ ही वृद्धि के लिए लगातार निवेश भी जारी रखेंगे।’’
भाषा निहारिका अजय
अजय

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