जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर को कुल बिक्री में एनईवी की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत होने की उम्मीद

जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर को कुल बिक्री में एनईवी की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत होने की उम्मीद

जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर को कुल बिक्री में एनईवी की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत होने की उम्मीद
Modified Date: July 16, 2026 / 03:18 pm IST
Published Date: July 16, 2026 3:18 pm IST

नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) ईंधन कीमतें बढ़ने से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की मांग में आई तेजी के बीच जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया को चालू वर्ष में अपनी कुल वाहन बिक्री में नवीन ऊर्जा वाहनों (एनईवी) की हिस्सेदारी बढ़कर 70-80 प्रतिशत तक पहुंच जाने की उम्मीद है।

वाहन विनिर्माता कंपनी के प्रबंध निदेशक अनुराग मेहरोत्रा ने बृहस्पतिवार को एनईवी वाहनों के लिए ‘एडाप्ट’ मंच पेश किए जाने के मौके पर यह संभावना जताई।

जेएसडब्ल्यू एमजी इस मंच पर आधारित एक नया इलेक्ट्रिक वाहन जल्द ही पेश करेगी। इसके बाद इसी वर्ष एक प्लग-इन हाइब्रिड मॉडल भी बाजार में उतारा जाएगा।

मेहरोत्रा ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा, “मार्च के बाद जब पश्चिम एशिया संकट गहराया, तब से एनईवी के प्रति ग्राहकों का रुझान स्पष्ट रूप से बढ़ा है। ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का असर इन वाहनों की मांग पर दिख रहा है।”

उन्होंने कहा, ‘‘यात्री वाहन उद्योग में ईवी की हिस्सेदारी जनवरी में 3.8 प्रतिशत थी, जो जून में बढ़कर आठ प्रतिशत से अधिक हो गई। यह संकेत देता है कि ग्राहक अब अधिक किफायती और वैकल्पिक ऊर्जा विकल्पों का रुख कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया इस अवसर का पूरा लाभ उठा रही है और उसके उत्पादन संयंत्र तीन पालियों में पूरी क्षमता से चल रहे हैं। इस वर्ष अब तक कंपनी ने करीब 40,000 वाहन बेचे हैं, जो सालाना आधार पर 12-13 प्रतिशत की वृद्धि है।

क्षमता विस्तार के बारे में उन्होंने कहा कि गुजरात के हालोल संयंत्र में पहले चरण का विस्तार अगले वर्ष मार्च तक पूरा हो जाएगा, जिससे वार्षिक उत्पादन क्षमता 1.2 लाख इकाइयों से बढ़कर 1.6 लाख इकाइयां हो जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में क्षमता को बढ़ाकर तीन लाख इकाइयों तक ले जाने की योजना है।

मेहरोत्रा ने कहा कि बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी ने संयंत्र में कर्मचारियों की संख्या में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि की है। कंपनी ने चालू वर्ष में उत्पाद विकास, स्थानीयकरण और क्षमता विस्तार के लिए 1,400 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया है।

‘एडाप्ट’ मंच के बारे में उन्होंने बताया कि यह ईवी, हाइब्रिड, प्लग-इन हाइब्रिड और रेंज एक्सटेंडर इलेक्ट्रिक वाहन को एक ही मंच पर विकसित करने में सक्षम है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


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