डब्ल्यूटीओ वार्ता समाप्त, ई-कॉमर्स पर शुल्क से जुड़ी रोक बढ़ाने पर नहीं बनी सहमति

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डब्ल्यूटीओ वार्ता समाप्त, ई-कॉमर्स पर शुल्क से जुड़ी रोक बढ़ाने पर नहीं बनी सहमति

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  • Publish Date - March 30, 2026 / 03:31 PM IST,
    Updated On - March 30, 2026 / 03:31 PM IST

नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) का चार दिन का 14वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (एमसी14) सोमवार को कैमरून के याउंडे में समाप्त हो गया, लेकिन ई-कॉमर्स पर सीमा शुल्क नहीं लगाने की व्यवस्था को आगे बढ़ाने के मुद्दे पर सदस्य देशों के बीच सहमति नहीं बन सकी।

यह व्यवस्था 1998 से लागू है, जिसके तहत डिजिटल डाउनलोड और स्ट्रीमिंग जैसी इलेक्ट्रॉनिक सेवाओं पर सीमा शुल्क नहीं लगाया जाता। तब इसे दो साल के लिए लागू किया गया था और बाद में हर दो साल में इसे बढ़ाया जाता रहा। अब इस पर सहमति नहीं बनने से देशों के पास इन सेवाओं पर शुल्क लगाने का रास्ता खुल सकता है।

बैठक में इस मुद्दे पर अमेरिका और ब्राजील के बीच मतभेद सामने आए। कुछ देश इस व्यवस्था को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं थे या केवल दो साल का विस्तार चाहते थे, जबकि अमेरिका इसे पांच साल तक बढ़ाने की मांग कर रहा था। मौजूदा व्यवस्था 31 मार्च को समाप्त होने वाली है।

सम्मेलन 26 मार्च से शुरू हुआ था और 29 मार्च को खत्म होना था, लेकिन इसे बढ़ाकर 30 मार्च तक चलाया गया।

सम्मेलन की अध्यक्षता करने वाले कैमरून के व्यापार मंत्री ल्यूक मैग्लॉयर म्बार्गा अतांगाना ने कहा कि चार दिन की बैठक में व्यापार मंत्रियों ने कई मुद्दों को निपटाने की कोशिश की, लेकिन समय की कमी के कारण कुछ लंबित मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई। इनमें ई-कॉमर्स पर डब्ल्यूटीओ की कार्य प्रक्रिया, ‘इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन’ पर सीमा शुल्क वसूलने पर लगी वर्तमान रोक को जारी रखने और बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यापार-संबंधित पहलुओं (टीआरआईपीएस) से जुड़ी शिकायतों का समाधान जैसे विषय सम्मिलित थे। अब इन विषयों पर चर्चा संगठन के मुख्यालय जिनेवा में जारी रहेगी।

डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक न्गोजी ओकोंजो-इवेला ने डब्ल्यूटीओ सुधार पर जारी वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए चर्चा में हुई प्रगति, मत्स्य पालन सब्सिडी पर आगे के नियमों पर काम को आगे बढ़ाने के निर्णय और अन्य मुद्दों का स्वागत किया।

उन्होंने सुझाव दिया कि सदस्य देश चार दिन की मंत्री स्तरीय चर्चा के दौरान तैयार किए गए दस्तावेजों के मसौदे का उपयोग करें और शेष मुद्दों पर जिनेवा में होने वाली अगली परिषद की बैठक में अंतिम समझौता करने की कोशिश करें।

डब्ल्यूटीओ ने बयान में कहा कि मंत्रियों ने मत्स्य पालन क्षेत्र में दी जाने वाली सब्सिडी पर बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है, ताकि 15वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के लिए सिफारिशें तैयार की जा सकें।

विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) द्वारा ई-कॉमर्स को इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन, वितरण, विपणन, बिक्री या वितरण के रूप में परिभाषित किया गया है।

अब कई उत्पाद, जो पहले भौतिक रूप में बिकते थे, जैसे संगीत, फिल्में और किताबें, तेजी से डिजिटल रूप में उपलब्ध हो रही हैं।

विकासशील देशों ने इस व्यवस्था का कई बार विरोध किया है क्योंकि उनके अनुसार डिजिटल आयात बढ़ने से उन्हें राजस्व का नुकसान हो रहा है। अनुमान है कि विकासशील देशों को हर साल करीब 10 अरब डॉलर का संभावित कर नुकसान हो सकता है, जबकि भारत को 50 करोड़ डॉलर से अधिक का नुकसान हो सकता है।

शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने कहा कि अमेरिका ने यूरोपीय संघ और जापान के समर्थन से दीर्घकालिक या स्थायी विस्तार के लिए दबाव डाला, जबकि भारत और अन्य विकासशील देशों ने इसका विरोध करते हुए तर्क दिया कि इससे राजस्व का नुकसान निश्चित हो जाएगा और तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था में नीतिगत गुंजाइश सीमित हो जाएगी।

जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि किसी समझौते के अभाव में 26 वर्षों में पहली बार यह व्यवस्था समाप्त हो गई है, जिससे देशों के लिए डिजिटल सेवाओं पर शुल्क लगाने का रास्ता खुल गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के शुल्क में छूट का सबसे अधिक लाभ अमेरिका की बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों, जैसे गूगल और मेटा, को मिलता है।

भाषा योगेश अजय

अजय