नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) निजी क्षेत्र के यस बैंक ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसके मल्टी-करेंसी प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड से जुड़े करीब 2.8 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 2.5 करोड़ रुपये) के अनधिकृत लेनदेन का पता चला है।
बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि ये लेनदेन ‘मल्टी-करेंसी प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड’ के जरिये किए गए, जिन्हें बुकमाईफॉरेक्स के साथ साझेदारी में जारी किया गया था।
ये संदिग्ध लेनदेन 24 फरवरी, 2026 की सुबह कुछ विशिष्ट बीआईएन (बैंक पहचान नंबर) पर आधारित कार्ड से किए गए। ये लेनदेन एक लातिनी अमेरिकी देश में स्थित 15 वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों पर किए गए।
बैंक ने कहा, ‘‘हमारी आंतरिक जांच में सामने आया कि घटना की अवधि में लगभग 5,000 ग्राहकों की तरफ से करीब 2.8 लाख डॉलर के लेनदेन को मंजूरी मिल गई थी।’’
हालांकि, बैंक की निगरानी और नियंत्रण प्रणाली के चलते 688 अनधिकृत प्रयासों को नाकाम कर दिया गया, जिससे करीब एक लाख डॉलर की राशि बच गई।
बैंक ने कहा कि प्रभावित ग्राहकों को किसी प्रकार का वित्तीय नुकसान न हो, इसके लिए कार्ड नेटवर्क के साथ मिलकर ‘चार्जबैक’ प्रक्रिया शुरू की जा रही है। चार्जबैक का मतलब संदिग्ध या धोखाधड़ी वाले लेनदेन की राशि वापस मंगाने की प्रक्रिया से है।
सुरक्षा उपाय के तौर पर बैंक ने इस लातिनी अमेरिकी देश से होने वाले ई-कॉमर्स लेनदेन पर अस्थायी रोक लगा दी है।
बैंक ने कहा कि उसकी धोखाधड़ी निगरानी प्रणाली ने 24 फरवरी की सुबह लेनदेन अस्वीकृति में असामान्य बढ़ोतरी देखी, जिसके बाद यह मामला सामने आया।
जापान की कंपनी सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (एसएमबीसी) ने हाल ही में करीब 16,000 करोड़ रुपये में यस बैंक में 24.9 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है। इस अधिग्रहण के बाद एसएमबीसी बैंक की सबसे बड़ी शेयरधारक बन गई है।
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