बरेली (उप्र), 26 फ़रवरी (भाषा) बरेली के बारादरी थाने में आत्मदाह के प्रयास के मामले में एक उपनिरीक्षक और अन्य बातों को लेकर छह अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने कहा कि पुलिस अधीक्षक (नगर) मानुष पारीक द्वारा की गई जांच में पाया गया कि पीड़ित ‘डिलीवरी ब्वाय’ अक्षय कश्यप को मंगलवार को तीन बार थाने गया था, लेकिन उसकी बात ठीक से नहीं सुनी गई।
आर्य ने कहा, ‘‘जांच में पता चला कि सार्वजनिक शिकायत सहायता डेस्क पर तैनात उप-निरीक्षक सुरेंद्र शर्मा ने एक बार भी शिकायतकर्ता की बात ठीक से नहीं सुनी, जिसके कारण यह घटना हुई।’
एसएसपी ने कहा कि शर्मा को निलंबन आदेश दिया गया है और घटना के संबंध में बारादरी थाने में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
मंगलवार रात करीब 10.30 बजे थाने के द्वार पर 32 वर्षीय अक्षय कश्यप ने कथित तौर पर खुद पर पेट्रोल डाला और आग लगा ली। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने बताया कि अक्षय कश्यप फतेहगंज पश्चिमी नगर पंचायत का निवासी है और बरेली में कोतवाली के पीछे किराए के मकान में रहता है।
उपनिरीक्षक के अलावा छह सिपाहियों को भी लापरवाही और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने समेत विभिन्न आरोपों में निलंबित कर दिया गया है।
एसएसपी के मुताबिक एक नये चयनित सिपाही को अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हुए और ड्यूटी से लगातार अनुपस्थित रहते हुए पाया गया। उसका चयन रद्द कर दिया गया है और नोटिस जारी किया गया है।
फतेहगंज पूर्वी थाने में तैनात मुख्य आरक्षी रवींद्र सिंह को आदतन शराब पीने और सहकर्मियों से दुर्व्यवहार के आरोप में निलंबित कर दिया गया। उन्हें हाल में एक परीक्षा स्ट्रॉन्ग रूम में ड्यूटी सौंपी गई थी, जहां उन्होंने कथित तौर पर शराब पी और एक चौकीदार के साथ दुर्व्यवहार किया।
कोतवाली में तैनात आरक्षी कृष्ण गोपाल 25 नवंबर, 2025 को छुट्टी पर चले गए थे और नौ दिसंबर को निर्धारित समय पर ड्यूटी पर फिर से शुरू करने में विफल रहे, जिसके कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया।
इसी तरह, एसएसपी कार्यालय के सिंगल विंडो डेस्क पर तैनात आरक्षी केशव कुमार और प्रशांत कुमार अपनी स्वीकृत छुट्टी पूरी करने के बाद वापस नहीं लौटे। उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
मुख्य आरक्षी सुरजीत को 22 नवंबर, 2025 को झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार के सुरक्षा बेड़े में नियुक्त किया गया था। ड्यूटी पर रिपोर्ट करने में विफल रहे और तब से अनुपस्थित हैं। संजीव कुमार को नौ दिसंबर, 2025 को एक सत्र अदालत में कैदी की पेशी के लिए ड्यूटी सौंपी गई थी, उन्होंने भी रिपोर्ट नहीं की। उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
एसएसपी ने कहा कि सभी निलंबित कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
भाषा सं जफर
राजकुमार
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