लखनऊ, दो जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2025-26 में शासन द्वारा विभिन्न विभागों को जारी बजट के व्यय को लेकर वित्त विभाग की समीक्षा बैठक की।
बैठक में चालू वित्त वर्ष के दौरान विभागों के बजटीय प्रावधान के सापेक्ष शासन द्वारा जारी स्वीकृतियों, विभागाध्यक्ष द्वारा आवंटन, व्यय की प्रगति पर अधिक बजट प्रावधान वाले 20 विभागों की प्रस्तुति रखी गई।
एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने इन विभागों के प्रस्तुतीकरण की समीक्षा की। उन्होंने सभी प्रमुख विभागों के उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग समय से आवंटित बजट का इस्तेमाल करें ताकि परियोजनाएं एवं योजनाएं समय से पूरी हो सकें और प्रदेशवासी इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट को समय से खर्च करने के लिए अधिकारी निर्णय लेने की सामर्थ्य विकसित करें। उन्होंने कहा कि बजट व्यय की धीमी प्रगति वाले विभाग इसमें तेजी लाएं। साथ ही बजट को समय से खर्च करने के लिए हर स्तर पर एक-एक अधिकारी की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय हो। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सभी विभाग के अधिकारी तुंरत निर्णय लें। उन्होंने कहा कि निर्णय लेने में देरी से समय से बजट व्यय नहीं हो पाता है लिहाजा निर्णय लेने में तेजी दिखाएं।
उन्होंने कहा कि कुछ विभागों में बजट व्यय की प्रगति धीमी है। इसमें तेजी लाने के लिए विभागीय मंत्री और अधिकारी आपस में समन्वय बनाकर हर माह बैठक करें।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को निर्देश दिया कि जिन विभागों के आवंटन बजट के कुछ अंश को किसी कारणवश अब तक जारी नहीं किया गया है, उन विभागों को तत्काल बजट आवंटित करें।
भाषा जफर
मनीषा प्रेम
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