यूट्यूब के जरिये भारत की जीडीपी में 18,000 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान: रिपोर्ट
यूट्यूब के जरिये भारत की जीडीपी में 18,000 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान: रिपोर्ट
नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) वीडियो साझा करने वाले मंच यूट्यूब के रचनात्मक तंत्र ने 2025 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 18,000 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान दिया है। साथ ही इसने देश में 9.6 लाख से अधिक पूर्णकालिक नौकरियों को भी समर्थन दिया है। ऑक्सफोर्ड इकॉनमिक्स की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
रिपोर्ट के निष्कर्ष भारत के डिजिटल क्रिएटर परिदृश्य में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करते हैं, जहां स्वतंत्र कंटेंट (सामग्री) निर्माता तेजी से पूर्ण मीडिया उद्यमों के रूप में विकसित हो रहे हैं। इससे महानगरों के साथ ही छोटे शहरों में भी रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लाखों रुपये की कमाई करने वाले यूट्यूब चैनल की संख्या में सालाना आधार पर 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। इसके अलावा 18,000 से अधिक भारतीय चैनल 10 लाख से अधिक ‘सब्सक्राइबर’ का आंकड़ा पार कर चुके हैं।
रिपोर्ट में बताया गया कि यूट्यूब पर अपने कंटेंट का मौद्रीकरण करने वाले 73 प्रतिशत क्रिएटर इस मंच को अपनी आय का प्राथमिक स्रोत मानते हैं।
सीधी कमाई के अलावा क्रिएटर्स ने पिछले एक साल में तीन लाख से अधिक प्रशिक्षुओं की मदद की। जयपुर, लखनऊ और कोच्चि जैसे गैर-महानगरीय केंद्रों में रचनात्मक क्लस्टर उभरे हैं, जिससे वीडियो एडिटिंग, कैमरा ऑपरेटर और पटकथा लेखकों की स्थानीय मांग पैदा हो रही है।
भारतीय चैनल द्वारा तैयार सामग्री के देखे जाने के कुल समय में 15 प्रतिशत से अधिक हिस्सा देश के बाहर के दर्शकों से आता है। इस मंच पर मौजूदगी रखने वाली 81 प्रतिशत मीडिया कंपनियों ने कहा कि यूट्यूब ने उन्हें वैश्विक दर्शकों तक पहुंचने में मदद की है।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक साल में भारतीय चैनल ने 16 करोड़ घंटे से अधिक का कंटेंट अपलोड किया गया।
यूट्यूब ने कहा कि वह ‘क्रिएट विद एआई’ पहल के तहत राष्ट्रीय डिजिटल कौशल विकास को आगे बढ़ाने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (आईआईसीटी) के साथ सहयोग कर रही है।
भाषा पाण्डेय अजय
अजय

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