CG BJP Mandal Adhyaksh Suspend
रायपुर: अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने वाले दो मंडल अध्यक्षों को भाजपा ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए दोनों मंडल पदाधिकारियों को पार्टी से निष्काषित कर दिया है। नेताओं पर हुई इस कार्रवाई से संगठन में हड़कंप मचा हुआ है।
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दरअसल टिकट वितरण के बाद छत्तीसगढ़ के अलग-अलग सीटों पर उम्मीदवारों के खिलाफ स्थानीय नेताओं में नाराजगी देखने को मिली थी। लेकिन सबसे ज्यादा हंगामा जशपुर विधानसभा सीट में सामने आया था जहां संगठन के नेताओं ने अधिकृत प्रत्याशी रायमुनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। यह सभी पूर्व मंत्री गणेशाराम भगत के समर्थक थे। स्थानीय स्तर पर हुए विरोध का असर जब नहीं हुआ तो दोनों नेता लाव लश्कर के साथ सीधे भाजपा के प्रदेश कार्यालय आ धमके और धरना प्रदर्शन करने लगे।
भाजपा के प्रदेश आलाकमान ने अनुशासनहीनता के आरोप में जिन दो नेताओं को पार्टी से निष्काषित किया है उनमें सोनक्यारी मंडल के प्रमुख मनोज भगत और मनोरा मंडल अध्यक्ष विकास प्रधान शामिल है। दोनों ने पूरे धरना-प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए गणेशराम भगत के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश भी की थी। उन्हें पार्टी के बड़े नेताओं ने समझाने की कोशिश की लेकिन वह अपनी मांग पर अड़े रहे।
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रविवार को आईबीसी24 ने इस पूरे धरना प्रदर्शन पर विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की थी। बताया गया था कि जशपुर के अलग-अलग मंडल के नेता किस तरह से डूमरतराई स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय में धरना प्रदर्शन का रहे है। वे लम्बी लड़ाई के मूड में पहुंचे थे लिहाजा अपने साथ कई दिनों का भोजन भी साथ लेकर आये थे। हालाँकि पार्टी अपने फैसले पर अडिग रही और अनुशासन तोड़ने वाले दोनों नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
भाजपा आलाकमान के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने और उम्मीदवारों की सूची सामने आने के बाद किसी नेता के खिलाफ यह पहली और बड़ी कार्रवाई है। बीजेपी को उम्मीद है कि इस कड़ाई के बाद जिन क्षेत्रो में स्थानीय नेता और संगठन के पदाधिकारी टिकट के विरोध में सुर बुलंद कर रहे होंगे उन्हें भी सबक मिलेगा। भाजपा ने इस कार्रवाई के आधार पर नेताओं को मर्यादा बनाये रखने और पार्टी के प्रति निष्ठावान रहकर कार्य करने का भी सन्देश दिया है।