शह-मात The Big Debate: जीत हार पर तकरार, निकायों में कौन दमदार? उपचुनाव रिजल्ट पर गरमाई राजनीति, आखिर क्या है इसके सियासी मायने

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CG Politics: जीत हार पर तकरार, निकायों में कौन दमदार? उपचुनाव रिजल्ट पर गरमाई राजनीति, आखिर क्या है इसके सियासी मायने

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  • Publish Date - June 5, 2026 / 12:34 AM IST,
    Updated On - June 5, 2026 / 12:37 AM IST

CG Politics

HIGHLIGHTS
  • 5 नगर पंचायतों में भाजपा ने 3 और कांग्रेस ने 2 अध्यक्ष पदों पर जीत दर्ज की
  • नतीजों के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई
  • राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार उपचुनाव नतीजों को सीधे सरकार के रिपोर्ट कार्ड के रूप में नहीं देखा जा सकता

CG Politics: 4 जून को प्रदेश के नगर पंचायतों और कुछ नगरीय निकायों के उपचुनाव के नतीजे आए। नतीजों के आंकड़ों को सामने कर कांग्रेस हमलावर है। कह रही है कि बीजेपी के राज में जनता नाखुश है। नाराज है… तो बीजेपी भी सफाई में उन्हीं आंकड़ों को सामने रख के बात रख रही है। विपक्ष कह रहा है कि ये सरकार का जनता के बीच असल रिपोर्ट कार्ड है। तो बीजेपी कह रही है कांग्रेस मुगालते में है, बनी रहे… सवाल ये है कि क्या हालिया नतीजों को, जनता की सरकार पर राय मानना उचित है?

छत्तीसगढ़ नगरीय निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायत उपचुनावों के गुरुवार को घोषित नतीजों में, प्रदेश की 5 नगर पंचायतों में से बीजेपी ने 3 सीटों पर जीत दर्ज की, दूसरी ओर कांग्रेस ने 2 सीटों पर कब्जा किया है।

CG Politics जांजगीर-चांपा के नगर पंचायत बम्हनीडीह में पहली बार निकाय चुनाव हुआ जिसमें BJP ने एकतरफा जीत हासिल की, अध्यक्ष पद पर बीजेपी के रमेश डडसेना 789 वोट से जीते। कुल 15 वार्ड में भाजपा-11 में, कांग्रेस- 3 में तो निर्दलीय 1 प्रत्याशी को जीत मिली है। वही, राजनांदगांव के नगर पंचायत घुमका में अध्यक्ष पद मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशी फूलमती वर्मा 137 मतों से जीती, जबकि नगर 15 में से 10 वार्डों में भाजपा समर्थित, 4 में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी, 1 वार्ड में निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समर्थकों में जबरदस्त उत्साह दिखा।

CG Politics सूरजपुर नवगठित नगर पंचायत शिवनंदनपुर पंचायत में पहला आम चुनाव में बीजेपी ने अध्यक्ष पद पर कब्जा किया, जबकि शिवनंदनपुर कांग्रेस का गढ़ था। भाजपा प्रत्याशी रितेश जायसवाल ने 362 वोट से कांग्रेस उम्मीदवार संजय सोनी को हराया। कुल 15 वार्डों में कांग्रेस को 8 वार्डों में जीत मिली, तो भाजपा के 7 पार्षद जीते। कबीरधाम के नगर पंचायत सहसपुर लोहारा में अध्यक्ष पद पर बीजेपी का कब्जा हुआ। बीजेपी की सरिता संतोष मिश्रा ने 754 वोटों के बड़े अंतर कांग्रेस प्रत्याशी रोशन वैष्णव को मात दी। वही, बालोद के नगर पंचायत पलारी में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस काबिज हुई, अध्यक्ष पद पर कांग्रेस के यानेश कुमार ने भाजपा प्रत्याशी लखनलाल गुरुपंच को 506 वोटों से मात दी। कुल- 15 वार्ड में 10 में कांग्रेस समर्थित और 5 में भाजपा समर्थित पार्षद जीते।

CG Politics नतीजों से विपक्ष बेहद उत्साहित है, कांग्रेस ने दावा किया कि डबल इंजन सरकार के होते हुए भी कांग्रेस की जीत बताती है सरकार की कार्यशैली से जनता नाराज है… सरकार ने ढाई साल में कोई काम नहीं किया, जवाब में बीजेपी ने पलटवार कर कहा की कुल पांच में 3 पर बीजेपी जीत का आंकड़ा सामने है जनता अब भी बीजेपी के पक्ष में है।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव और उप-चुनाव नजीतों में वार्डों की स्थिति पर बीजेपी-कांग्रेस अपनी-अपनी जीत का हिसाब लगा रही है… सवाल ये है कि क्या इसे मौजूदा बीजेपी सरकार के ढाई साल पर जनता का रिएक्शन माना जा सकता है ? उस पर विपक्ष के दावे में कितना दम है?

 

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छत्तीसगढ़ नगर पंचायत उपचुनाव में किस पार्टी को अधिक सफलता मिली?

भाजपा ने 5 में से 3 नगर पंचायत अध्यक्ष पद जीते, जबकि कांग्रेस को 2 सीटों पर जीत मिली।

कांग्रेस इन नतीजों को कैसे देख रही है?

कांग्रेस का दावा है कि ये परिणाम राज्य सरकार के खिलाफ जनता की नाराजगी का संकेत हैं।

भाजपा का इस पर क्या कहना है?

भाजपा का कहना है कि 5 में से 3 सीटों पर जीत जनता के भरोसे और सरकार की नीतियों पर समर्थन को दर्शाती है।

क्या उपचुनाव के नतीजों को सरकार का रिपोर्ट कार्ड माना जा सकता है?

विशेषज्ञों के अनुसार उपचुनावों में स्थानीय मुद्दों और उम्मीदवारों का प्रभाव अधिक होता है, इसलिए इन्हें सीधे सरकार का रिपोर्ट कार्ड नहीं माना जा सकता।

किन नगर पंचायतों में भाजपा और कांग्रेस को जीत मिली?

भाजपा को बम्हनीडीह, सहसपुर लोहारा और शिवनंदनपुर में जीत मिली, जबकि कांग्रेस ने घुमका और पलारी में अध्यक्ष पद जीता।