Uddhav Thackeray  Ram Raksha Andolan 2026 : ‘राम मंदिर बन गया, अब उसकी रक्षा की लड़ाई लड़नी होगी’… उद्धव ठाकरे का BJP पर बड़ा हमला, बोले- ‘हम राम रक्षक हैं’

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Uddhav Thackeray  Ram Raksha Andolan 2026 : 'राम मंदिर बन गया, अब उसकी रक्षा की लड़ाई लड़नी होगी'... उद्धव ठाकरे का BJP पर बड़ा हमला, बोले- 'हम राम रक्षक हैं'

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  • Publish Date - July 18, 2026 / 11:02 PM IST,
    Updated On - July 18, 2026 / 11:07 PM IST

Uddhav Thackeray  Ram Raksha Andolan 2026

HIGHLIGHTS
  • नागपुर से BJP पर उद्धव ठाकरे का बड़ा हमला।
  • बोले- "हम राम रक्षक हैं, सिर्फ राम रक्षा पढ़ने वाले नहीं।"
  • राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर देशव्यापी आंदोलन का ऐलान।

नागपुर : Uddhav Thackeray  Ram Raksha Andolan 2026 शिवसेना (उबाठा) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने शनिवार को अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मंदिर तो बन चुका है और अब इसकी सुरक्षा के लिए एक नया आंदोलन शुरू करने का समय आ गया है।उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा और उनसे साफ करने को कहा कि वह मंदिर के “लुटेरों” का समर्थन करते हैं या राम की “रक्षा” करने वालों का।नागपुर के राम नगर इलाके में राम मंदिर में पूजा-अर्चना और आरती करने के बाद, ठाकरे अपनी पार्टी के ‘राम रक्षा’ प्रदर्शन के तहत एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उनके साथ उनके बेटे आदित्य ठाकरे, पार्टी सांसद संजय राउत, विधायक और कार्यकर्ता भी मौजूद थे।

रक्षा के लिए एक नई लड़ाई शुरू करनी होगी

उन्होंने कहा कि बरसों पहले शिवसेना के संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने के आंदोलन को गति दी थी, लेकिन अब शिवसैनिक एक बार फिर मंदिर के लिए संघर्ष करने की तैयारी कर रहे हैं।ठाकरे ने कहा, “मुझे इस बात का दुख है कि राम मंदिर तो बन गया है, लेकिन अब हमें उस मंदिर की रक्षा के लिए एक नई लड़ाई शुरू करनी होगी।”उन्होंने फडणवीस पर उनके हालिया बयान को लेकर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि सेना (उबाठा) प्रमुख को पहले ‘राम रक्षा’ (भगवान राम की स्तुति वाला स्रोत) का पाठ करना चाहिए।

हम ‘राम रक्षक’ हैं

उन्होंने कहा, “फडणवीस जी, राम रक्षा का पाठ करना आपका काम हो सकता है, लेकिन ‘राम रक्षा’ (भगवान राम की रक्षा) हम राम भक्तों का काम है। हम ‘राम रक्षक’ हैं।”ठाकरे ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान सैकड़ों कारसेवकों ने बलिदान दिया, लेकिन यह इन “चोरों” का पेट भरने के लिए नहीं किया गया था।ठाकरे ने दावा किया, “जब बाबरी मस्जिद गिरी, तो आज सत्ता में बैठे लोगों में से कोई भी आगे नहीं आया। उस समय भाजपा के लोग कह रहे थे कि यह उनका काम नहीं था। सिर्फ बालासाहेब ठाकरे ही इस मुद्दे के समर्थन में खड़े हुए थे।”

भाजपा के शासन में राम भक्तों को ही भगवान की रक्षा करनी पड़ रही है

उन्होंने कहा कि फडणवीस को यह साफ करना चाहिए कि वह मंदिर को “लूटने वालों” के साथ हैं या “भगवान राम की रक्षा करने वालों” का समर्थन करते हैं।उन्होंने पूछा, “हम आम तौर पर मानते हैं कि भगवान राम हमारी रक्षा करते हैं। लेकिन अब, भाजपा के शासन में राम भक्तों को ही भगवान की रक्षा करनी पड़ रही है। उन्होंने राम के नाम का इस्तेमाल करके सत्ता हासिल की, लेकिन उनकी रक्षा हमें ही करनी है। हिंदुओं के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है?”

उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी बिना नाम लिए निशाना साधा

ठाकरे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत से भी सवाल किया कि क्या आरएसएस ने भाजपा सरकार के तहत ऐसे “हिंदू राष्ट्र” की कल्पना की थी, जिसमें “मंदिरों को लूटा जाता है, छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज किया जाता है, परीक्षा के पेपर लीक होते हैं और राजनीतिक पार्टियां तोड़ी जाती हैं।”उन्होंने शिवसेना प्रमुख और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी बिना नाम लिए निशाना साधा।

मैंने बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा छोड़ दी है

ठाकरे ने पूछा, “आप मुझ पर आरोप लगा रहे थे कि मैंने बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा छोड़ दी है। मैं राम मंदिर को लूटने वालों से सवाल कर रहा हूं। अगर आपमें हिम्मत है, तो क्या आप भाजपा से सवाल पूछ सकते हैं और इस मुद्दे पर अपना रुख साफ कर सकते हैं?”शिवसेना (उबाठा) प्रमुख ने भाजपा के उस दावे पर भी उसे घेरने की कोशिश की कि उन्होंने सत्ता के लिए हिंदुत्व छोड़ दिया है। उन्होंने पूछा, “हम हिंदुत्व कभी नहीं छोड़ सकते, लेकिन मैं आपसे (भाजपा से) पूछना चाहता हूं कि आपने हिंदुत्व क्यों छोड़ दिया है। आप इस मुद्दे पर कुछ क्यों नहीं कह रहे हैं?”

13 जून को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन

राम मंदिर के लिए मिले चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला पिछले महीने सामने आया, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इन आरोपों की जांच के लिए 13 जून को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट 23 जून को सौंपे जाने के बाद, 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई और आठ आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया।

“भाजपा-मुक्त राम” सुनिश्चित करने के प्रयास करने का भी आह्वान किया

ठाकरे ने इस मामले की जांच “न्यायमूर्ति अभय ओका जैसे सेवानिवृत्त न्यायाधीश” की देखरेख में पारदर्शी तरीके से कराने की मांग की और साथ ही “भाजपा-मुक्त राम” सुनिश्चित करने के प्रयास करने का भी आह्वान किया।उन्होंने कहा, “यह चोरी सिर्फ दान पेटी की नहीं है। यह चोरी सभी हिंदुओं की भावनाओं और आस्था के खिलाफ की गई है। इस देश और दुनिया के हर हिंदू को इस चोरी के मामले में न्यायाधीश बनकर न्याय करना चाहिए।”अपने ‘राम रक्षा’ प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब लड़ाई “राम भक्तों” और “राम मंदिर के चोरों” के बीच है।

“शायद सच्ची श्रद्धा से दान नहीं किया था”

उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना की भी आलोचना की, जिन्होंने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि अयोध्या राम मंदिर में केवल उन्हीं लोगों का चढ़ावा चोरी हुआ, जिन्होंने “शायद सच्ची श्रद्धा से दान नहीं किया था”।उन्होंने दावा किया, “अगर फडणवीस और भागवत इस बारे में कुछ नहीं कहते हैं, तो उनका हिंदुत्व सिर्फ पाखंड है।”ठाकरे ने कहा कि वह ‘राम रक्षा आंदोलन’ को महाराष्ट्र के बाहर सभी प्रमुख शहरों और राज्यों में ले जाएंगे।

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