रायपुर, 17 मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मंगलवार को रायपुर में विधानसभा का घेराव करने की कोशिश करते हुए बड़ा विरोध प्रदर्शन किया तथा केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर तीखा हमला बोला।
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नवा रायपुर अटल नगर स्थित विधानसभा की ओर बढ़ रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मुख्य मार्गों पर अवरोधक लगाकर रोक दिया। प्रशासन ने कई स्थानों पर धातु की चादरें लगाकर सुरक्षा कड़ी कर दी थी, जिसके चलते प्रदर्शनकारियों को तेलीबांधा इलाके के भारत माता चौक पर रोक दिया गया, जो विधानसभा से करीब 25 किलोमीटर दूर है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य गरीबों, मजदूरों और वंचित वर्गों की आवाज उठाना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर करने का प्रयास कर रही है, जबकि यह पूर्व में सोनिया गांधी और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में शुरू की गई प्रमुख रोजगार गारंटी योजना है।
पायलट ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने शुरुआत से ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को खत्म करने की मंशा बनाई थी और अब इसमें बदलाव की कोशिश हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र ने योजना में अपनी वित्तीय हिस्सेदारी घटा दी है और ग्राम पंचायतों के अधिकार सीमित किए हैं।
इस दौरान छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गरीबों और किसानों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने पर मनरेगा को और मजबूत करेगी तथा मजदूरी बढ़ाई जाएगी।
बघेल ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और महंगाई के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को डीएपी और यूरिया जैसे उर्वरकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि रसोई गैस सिलेंडर महंगे हो गए हैं।
इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाषा
संजीव रवि कांत