ओला इलेक्ट्रिक को लागत नियंत्रण, बढ़ती मांग से चालू वित्त वर्ष में तेज वृद्धि की उम्मीद

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ओला इलेक्ट्रिक को लागत नियंत्रण, बढ़ती मांग से चालू वित्त वर्ष में तेज वृद्धि की उम्मीद

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  • Publish Date - May 22, 2026 / 02:22 PM IST,
    Updated On - May 22, 2026 / 02:22 PM IST

नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक भविष अग्रवाल ने हालिया परिचालन सुधारों के बाद बिक्री में सुधार, बेहतर लाभांश की संभावना और लागत पर कड़े नियंत्रण का उल्लेख करते हुए कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 2026-27 में नए जोश के साथ प्रवेश करने की तैयारी कर रही है।

कंपनी की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही और वित्त वर्ष 2025-26 की आय का विवरण देते हुए अग्रवाल ने कहा कि पिछले कुछ तिमाहियों का उपयोग कंपनी ने परिचालन संबंधी समस्याओं को ठीक करने और विस्तार से पहले कारोबार को मजबूत करने में किया।

उन्होंने कहा, ‘‘ चौथी तिमाही में राजस्व कम रहा क्योंकि इस दौरान हमने अपने संचालन को दुरुस्त करने, लागत और ग्राहक अनुभव दोनों में सुधार पर ध्यान दिया।’’

उन्होंने बताया कि मार्च के मध्य से कंपनी ने फिर से बिक्री बढ़ाना शुरू किया।

कंपनी को उम्मीद है कि यह सुधार वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में स्पष्ट दिखेगा। इसमें 40,000-45,000 इकाई का ऑर्डर मिलने और 500-550 करोड़ रुपये का एकीकृत राजस्व हासिल होने का अनुमान है जो चौथी तिमाही के मुकाबले लगभग दोगुना है।

अग्रवाल ने कहा कि पंजीकरण मार्च में लगभग 10,000 से बढ़कर अप्रैल में 12,000 हो गए और मई में यह 14,000-15,000 के आसपास रह सकता है।

कंपनी का एकीकृत सकल लाभांश चौथी तिमाही में 38.5 प्रतिशत रहा, जो पिछली तिमाही के 34.3 प्रतिशत और एक साल पहले के 13.7 प्रतिशत से काफी अधिक है।

उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को छोड़कर भी सकल लाभांश 33.5 प्रतिशत रहा।

उन्होंने कहा कि यह कंपनी के एकीकृत मॉडल की मजबूती को दर्शाता है।

अग्रवाल ने कहा कि खर्च सालाना आधार पर आधा हो गया है और आने वाली कुछ तिमाहियों में यह घटकर 100-120 करोड़ रुपये प्रति माह तक आ सकता है।

उन्होंने कहा कि कंपनी की लागत का अधिकांश हिस्सा स्थिर वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कंपनी की रणनीति बिना अधिक अतिरिक्त निवेश के बिक्री बढ़ाने पर केंद्रित है।

अग्रवाल ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 के लिए कंपनी की रणनीति बिना अधिक अतिरिक्त निवेश के बिक्री बढ़ाने पर केंद्रित है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा