Reported By: Rajesh Raj
,Chhattisgarh Liquor Over Rating Case/Image Credit: AI
Chhattisgarh Liquor Over Rating Case: रायपुर: छत्तीसगढ़ में IBC24 की खबर का एक और बड़ा असर हुआ है। प्रदेश में तय कीमत से अधिक दर पर शराब बिक्री के मामले में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर जिले के 4 सेल्समैन और सुपरवाइजर को बर्खास्त किया गया है। बर्खास्त किए गए सभी कर्मचारी अलग-अलग शराब दुकान पर कार्यरत है। सभी कर्मचारी तय रेट से ज्यादा कीमत पर शराब बेचने का दोषी पाया गया था। सभी कर्मचारियों को बर्खास्त कर हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया है।
बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में फाफाडीह शराब दुकान का सेल्समैन अश्वन, कुरां के सुपरवाइजर आकाश रजक और सेल्समैन प्रमोद और टंडवा बैकुंठ दूकान के सेल्समैन वीरेंद्र यदु को बर्खास्त किया गया है। (Chhattisgarh Liquor Over Rating Case) ओवररेटिंग की खबर IBC24 में चलाए जानें के बाद जिला अधिकारी ने ये कार्रवाई की है। सभी कर्मचारियों को बर्खास्त कर हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया है।
Chhattisgarh Liquor Over Rating Case: आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, प्रदेश में तय कीमत से अधिक दर पर शराब बिक्री के मामले में आबकारी विभाग ने हाल में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आबकारी सब इंस्पेक्टरों को निलंबित किया था।
IBC24 ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में शराब की ओवररेट बिक्री का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। खबर प्रसारित होने के बाद आबकारी विभाग हरकत में आया और जांच शुरू की गई। विभागीय जांच में पाया गया कि संबंधित अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में संचालित शराब दुकानों में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही थी। मामले में आबकारी विभाग ने कार्रवाई करते हुए रायपुर में पदस्थ आबकारी सब इंस्पेक्टर कौशल किशोर सोनी, धमतरी के पुरुषोत्तम सिन्हा, बलौदाबाजार-भाटापारा के मनराखन नेताम तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई क्षेत्र के प्रभाकर सिरमौर को निलंबित किया था। (Chhattisgarh Liquor Over Rating Case) आरोप है कि इनके कार्यक्षेत्र में संचालित शराब दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही थी।
Chhattisgarh Liquor Over Rating Case: बता दें कि रायपुर में आबकारी विभाग और छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड का मुख्यालय मौजूद है। तय दर पर शराब बिक्री सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी इन्हीं अधिकारियों और कर्मचारियों पर है, लेकिन ओवररेटिंग की आड़ में सालाना करीब 1500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का ऐसा सिस्टम विकसित हो चुका था, जिसके आगे कोई नियम या सख्ती असरदार साबित नहीं हो पा रही थी। (Chhattisgarh Liquor Over Rating Case) नतीजा यह है कि चाहे शराब की दुकान शहर में हो, गांव में, जिला मुख्यालय में या राजधानी में, लगभग हर जगह देसी और विदेशी शराब की बोतलों पर निर्धारित कीमत से 10 से 20 रुपये अधिक वसूले जा रहे हैं।
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