CJP to Resume Protests: कॉकरोच जनता पार्टी फिर शुरू करेगा प्रदर्शन!.. मोदी सरकार पर लगाए ये नए आरोप, वादा तोड़ने का किया दावा

Ads

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर 25 जुलाई के समझौते का पालन नहीं करने का आरोप लगाते हुए देशभर में दोबारा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।

  •  
  • Publish Date - July 28, 2026 / 12:14 AM IST,
    Updated On - July 28, 2026 / 12:21 AM IST

Cockroach Janata Party to Resume Protests || Image- The Hindu File

HIGHLIGHTS
  • समझौता लागू नहीं हुआ तो देशव्यापी आंदोलन फिर शुरू होगा।
  • सभी एफआईआर वापस लेने की मांग दोबारा जोरदार उठाई गई।
  • कपिल सिब्बल ने आंदोलनकारियों को कानूनी सहायता देने का ऐलान किया।

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार पर 25 जुलाई को हुए समझौते को नहीं मानने का आरोप लगाते हुए देशभर में दोबारा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। (Cockroach Janata Party to Resume Protests) पार्टी का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई अब भी जारी है, जबकि सरकार ने सभी एफआईआर वापस लेने और कोई नई कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया था।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े

‘लिखित आश्वासन नहीं मिला तो फिर होगा आंदोलन’

राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि यदि 25 जुलाई को हुए समझौते की लिखित प्रति मंगलवार तक नहीं मिली, तो पार्टी दोबारा देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई राज्यों में छात्रों और आंदोलन से जुड़े लोगों को अब भी गिरफ्तार किया जा रहा है और उन्हें निगरानी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।

एफआईआर वापस लेने की मांग

CJP के प्रवक्ता अभिषेक रांका ने दावा किया कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का अपना वादा तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दिल्ली समेत अन्य राज्यों में आंदोलन से जुड़े स्वयंसेवकों को परेशान किया जा रहा है। (Cockroach Janata Party to Resume Protests) पार्टी ने मांग की कि सभी एफआईआर तुरंत वापस ली जाएं और दिल्ली पुलिस, केंद्रीय एजेंसियां तथा भाजपा और एनडीए शासित राज्यों की पुलिस कोई नया मामला दर्ज न करे।

समझौते में क्या था?

CJP के अनुसार, 25 जुलाई को केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई बातचीत में यह सहमति बनी थी कि आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी, भविष्य में कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी, कथित NEET पेपर लीक से जुड़े आत्महत्या पीड़ितों के परिवारों को अधिकतम संभव मुआवजा देने पर विचार होगा और परीक्षा सुधार से जुड़े पांच सूत्रीय प्रस्ताव पर सरकार विचार करेगी।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें

कानूनी मदद का ऐलान

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कपिल सिब्बल ने प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इसके लिए ‘साक्षी’ नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू किया जाएगा, जहां लोग पुलिस कार्रवाई से जुड़े वीडियो और फोटो अपलोड कर सकेंगे। (Cockroach Janata Party to Resume Protests) सिब्बल ने कहा कि वह इस कानूनी सहायता मंच की स्थापना के लिए 1 करोड़ रुपये का योगदान देंगे और देशभर के वकीलों से अपील की कि वे आंदोलनकारियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए आगे आएं।

इन्हें भी पढ़ें:

प्रधान के इस्तीफे से खत्म नहीं होगा नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद: शिवसेना (उबाठा)

पूजा प्रिसिजन का एसएमई आईपीओ 28 जुलाई को खुलेगा, मूल्य दायरा 285-301 रुपये प्रति शेयर

‘हर थाली में बिहारी तरकारी’ लक्ष्य के लिए बुनियादी ढांचे, विपणन में तेजी लाने के निर्देश

महाराष्ट्र के अमरावती में विषाक्त भोजन के सेवन के बाद 100 से अधिक आदिवासी छात्र अस्पताल में भर्ती

ठाणे की अदालत ने महिला के मुकरने के बाद व्यक्ति को दुष्कर्म के मामले में बरी किया

CJP ने दोबारा आंदोलन की चेतावनी क्यों दी है?

उत्तर: पार्टी का आरोप है कि 25 जुलाई के समझौते के बावजूद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है और सरकार ने अपने वादों का पालन नहीं किया।

CJP की प्रमुख मांगें क्या हैं?

उत्तर: सभी एफआईआर वापस लेने, नई कार्रवाई रोकने और आंदोलनकारियों को उत्पीड़न से राहत देने की मांग की गई है।

कपिल सिब्बल ने क्या घोषणा की है?

उत्तर: उन्होंने आंदोलनकारियों के लिए कानूनी सहायता उपलब्ध कराने हेतु 'साक्षी' नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू करने और उसके लिए 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।