MP Contract Employee Regularization News/Image Credit: IBC24.in
MP Contract Employee Regularization News: भोपाल: मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने पहले विभिन्न विभागों के कर्मचारियों-अधिकारियों के प्रमोशन किए और अब इसके बाद ऊर्जा विभाग ने नियमित नवीन नियुक्ति योजना-2026 के तहत आदेश जारी कर दिए हैं। यानी POWER मैनेजमेंट कंपनी, तीनों विद्युत वितरण कंपनी और एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी में कार्यरत साढ़े छह हजार से अधिक पात्र – लाइन अटेंडेंट, टेस्टिंग अटेंडेंट, जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर को नियमित पदों पर मौका मिलेगा। शर्त ये है कि कम से कम 2 साल की संविदा सेवा पूरी करने वाले कर्मियों को विभागीय ऑनलाइन परीक्षा देनी होगी। परीक्षा के अंक और सेवा अवधि के बोनस अंकों से मेरिट तैयार होगी।
जहां ऊर्जा विभाग में संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को गति मिली, तो अब संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ सभी 54 विभागों में नियमित करने की मांग कर रहा है।
MP Contract Employee Regularization News: इधर संविदाकर्मियों के सच्चे हितैषी होने को लेकर सियासी लड़ाई भी तेज हो गई। कांग्रेस जहां इसे आधा-अधूरा बताते हुए सरकार पर निशाना साध रही है, तो बीजेपी कह रही है कि-सरकार हर कर्मचारी के साथ खड़ी है…चरणबद्ध तरीके से नियमितीकरण होगा।
कुलमिलाकर प्रदेश के करीब 1.83 लाख संविदा, स्थाई और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों में जहां सरकार के फैसलों से उम्मीदें जग रही हैं। (MP Contract Employee Regularization News) वहीं इन लोकलुभावन तौर-तरीकों से कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। सवाल ये कि- क्या मोहन सरकार सुशासन और कल्याणकारी वाली छवि गढ़ रही है? सवाल ये भी कि- क्या सभी विभागों के संविदाकर्मियों के नियमितीकरण को लेकर सरकार यही रुख अपनाएगी? सबसे बड़ा सवाल ये कि- क्या सरकार ने अभी से 2028 के इलेक्शन को लेकर कमर कसनी शुरू कर दी है?
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