Reported By: Naresh Mishra
,Chhattisgarh New Bus Fare: छत्तीसगढ़ में बस मालिकों ने बढ़ाया किराया, परिवहन विभाग के आदेश से पहले खुद से कर दी 30 प्रतिशत की वृद्धि, अब जगदलपुर से रायपुर का वसूल रहे 1000 रुपए / Image: AI Generated
जगदलपुर: Chhattisgarh New Bus Fare पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का असर अब बस यात्रियों की जेब पर भी पड़ने लगा है। बस्तर से रायपुर के बीच चलने वाली बसों का किराया बढ़ा दिया गया है, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। जगदलपुर से रायपुर के बीच रोजाना हजारों यात्री बसों के जरिए सफर करते हैं। हाल ही में किराए में करीब 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने से यात्रियों में नाराजगी है। किराया बढ़ने के बाद जगदलपुर से रायपुर का सफर दिन में करीब 700 रुपए और रात में 1000 रुपए तक पहुंच गया है।
Chhattisgarh New Bus Fare यात्रियों का आरोप है कि बस संचालकों की मनमानी के कारण उन्हें महंगे किराए में सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, क्योंकि बस्तर से रायपुर जाने के लिए बस प्रमुख साधन है। वहीं बस संचालकों का कहना है कि उन्होंने शासन की ओर से निर्धारित 2025 की किराया दरों के अनुसार ही किराया बढ़ाया गया है। उनका कहना है कि डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण किराया बढ़ाना गया है।
दूसरी ओर हाल ही में यात्री बसों में किराया वृद्धि की मांग को लेकर परिवहन विभाग ने सभी बस संचालकों की बैठक लेकर चर्चा की थी। विभाग ने बारी-बारी से सभी संचालकों से बात की और बस संचालन में आ रही कठिनाइयों की जानकारी ली। बस संचालकों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पिछली बार किराया वृद्धि वर्ष 2021 में की गई थी। डीजल की मूल्य में लगातार वृद्धि होने के कारण संचालकों ने मांग रखी कि यात्री किराया डीजल के मूल्य में कमी या वृद्धि के साथ घटने-बढ़ने का स्थायी कानून बनाया जाए।
परिवहन विभाग ने कहा कि अन्य राज्यों के दरों का तुलनात्मक अध्ययन कर नया किराया दर पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि इससे पहले बस संचालकों ने परिवहन मंत्री से मुलाकात कर यात्री किराए में 25 प्रतिशत तक की वृद्धि किए जाने की मांग की थी। उनका कहना है कि पेट्रोल-डीजल की तेजी से बढ़ती कीमत के चलते भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बैठक में अखिल भारतीय पर्यटक परमिट के संचालन पर भी चर्चा हुई। विभाग ने स्पष्ट किया कि अखिल भारतीय पर्यटक परमिट का स्टेज कैरिज के रूप में संचालन किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।