Vande Bharat: नाराज सांसद ने सुनाया निलंबन का फरमान.. पक्ष-विपक्ष के बीच छिड़ी नई बहस.. पूर्व CM ने दिलाई पद और पावर की याद तो मंत्री ने किया पलटवार

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MP Brijmohan Agrawal in Sushasan Tihar: सुशासन तिहार में सांसद बृजमोहन अग्रवाल के बयान पर विवाद, अधिकारी निलंबन टिप्पणी से सियासत गरमाई।

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  • Publish Date - June 5, 2026 / 12:19 AM IST,
    Updated On - June 5, 2026 / 12:29 AM IST

MP Brijmohan Agrawal in Sushasan Tihar || Image- IBC24 News File

HIGHLIGHTS
  • रेंजर की गैरहाजिरी पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जताई नाराजगी।
  • सार्वजनिक मंच से निलंबन की टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद शुरू।
  • कांग्रेस और भाजपा के बीच अधिकारों को लेकर बहस तेज।

रायपुर: राजिम में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल एक बार फिर अधिकारियों पर नाराज नजर आए। गोबरा नवापारा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) की गैरहाजिरी पर उन्होंने मंच से ही नाराजगी जाहिर की और उसे निलंबित करने के निर्देश दे दिए। (MP Brijmohan Agrawal in Sushasan Tihar) इसके बाद राज्य की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर नई बहस छिड़ गई है। इन दिनों सुशासन तिहार में अधिकारियों को लेकर नेताओं के बयान, गुस्सा और तेवर लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं और इस कड़ी में बृजमोहन अग्रवाल का यह बयान भी सुर्खियों में आ गया।

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स्कूल बाउंड्री वॉल विवाद पर जताई नाराजगी

कार्यक्रम के दौरान स्कूल की बाउंड्री वॉल और वन भूमि से जुड़े विवाद की समीक्षा की जा रही थी। इसी दौरान सांसद ने अधिकारियों से पूछा कि संबंधित रेंजर कार्यक्रम में क्यों नहीं पहुंचा और वह कहां है। अधिकारियों से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनकी नाराजगी बढ़ गई। उन्होंने मंच से ही वन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर को निर्देश देते हुए अनुपस्थित रेंजर को सस्पेंड करने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने नवापारा तहसीलदार को भी अवैध अतिक्रमण के मामलों में एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कांग्रेस ने उठाए अधिकारों पर सवाल

मामला सामने आते ही कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना लिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि शायद बृजमोहन अग्रवाल यह भूल गए हैं कि वह मंत्री नहीं बल्कि सांसद हैं। (MP Brijmohan Agrawal in Sushasan Tihar) उन्होंने कहा कि किसी सांसद को सीधे किसी सरकारी अधिकारी को निलंबित करने का अधिकार नहीं होता। कांग्रेस ने इस घटना को जनप्रतिनिधियों के अधिकार क्षेत्र और प्रशासनिक प्रक्रिया से जोड़ते हुए सवाल खड़े किए हैं।

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बीजेपी ने किया बचाव, जांच की बात

विपक्ष के हमलों के बाद भाजपा नेताओं ने बृजमोहन अग्रवाल का बचाव किया। कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि के कहने मात्र से कोई अधिकारी निलंबित नहीं हो जाता और प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन किया जाता है। वहीं वन मंत्री केदार कश्यप मामले की जांच कराने की बात कही है। बहरहाल जनता की शिकायतों के समाधान के उद्देश्य से शुरू किए गए सुशासन तिहार में अब सत्ता, अधिकार और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर नई बहस छिड़ गई है। (MP Brijmohan Agrawal in Sushasan Tihar) इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या किसी अधिकारी की गैरहाजिरी पर सार्वजनिक मंच से उसके निलंबन के निर्देश देना उचित माना जा सकता है।

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Q1. बृजमोहन अग्रवाल ने किस मुद्दे पर नाराजगी जताई थी?

A. कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी की अनुपस्थिति और भूमि विवाद के मुद्दे पर नाराजगी जताई।

Q2. कांग्रेस ने इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया दी?

A. कांग्रेस ने कहा कि सांसद को किसी अधिकारी को निलंबित करने का अधिकार नहीं है।

Q3. भाजपा नेताओं ने इस विवाद पर क्या कहा?

A. भाजपा नेताओं ने कहा कि निलंबन प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार ही किया जाता है।