रायपुर, 18 अप्रैल (भाषा) छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो/आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (एसीबी/ईओडब्ल्यू) ने भारती प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के निलंबित अधिकारी समीर विश्नोई की लगभग चार करोड़ रुपये मूल्य की नौ अचल संपत्तियां शनिवार को कुर्क कर लीं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, विश्नोई कोयला शुल्क घोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल हैं और उन पर ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
उन्होंने बताया कि ईओडब्ल्यू ने जुलाई 2024 में उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था।
अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान एजेंसी ने नौ अचल संपत्तियों की पहचान की, जिनकी कीमत लगभग चार करोड़ रुपये आंकी गई है। आरोप है कि ये संपत्तियां विश्नोई के परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी फर्मों के नाम पर अवैध तरीके से हासिल की गई थीं।
उन्होंने बताया, ‘‘रायपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायालय में इन संपत्तियों की कुर्की के लिए आवेदन दायर किया गया था। 17 अप्रैल को सुनवाई के बाद अदालत ने सभी संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया।’’
उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के साथ ही कुर्क की गई संपत्तियों की बिक्री या हस्तांतरण पर रोक लगा दी गई है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोयला शुल्क घोटाले के सिलसिले में विश्नोई से जुड़ी पांच अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था।
उन्होंने कहा कि अन्य लोक सेवकों से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई जारी है, जिसमें पिछले साल सितंबर में सौम्या चौरसिया से संबंधित संपत्तियों के खिलाफ की गई कार्रवाई भी शामिल है।
अधिकारियों ने इस कदम को भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और प्रशासनिक सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने के प्रयासों का हिस्सा बताया।
वर्ष 2009 बैच के आईएएस अधिकारी विश्नोई को 2022 में कथित कोयला शुल्क घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। वह उन कई आरोपियों में शामिल हैं जिन्हें पिछले वर्ष उच्चतम न्यायालय से जमानत मिली थी।
भाषा संजीव खारी
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