सफलता के लिए लगातार मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी : मुख्यमंत्री साय

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सफलता के लिए लगातार मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी : मुख्यमंत्री साय

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  • Publish Date - May 11, 2026 / 09:33 PM IST,
    Updated On - May 11, 2026 / 09:33 PM IST

रायपुर, 11 मई (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को अपने आधिकारिक आवास पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा में मेधा सूची में जगह बनाने वाले छात्रों से मुलाकात की और उनसे कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए लगातार मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी है।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने छात्रों से उनके सपनों, दिनचर्या, सफलता के अनुभव और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने कहा, “जीवन में सफलता हासिल करने के लिए लगातार मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी है। पढ़ाई केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। शिक्षा ही व्यक्ति और समाज के विकास का मूल आधार है।”

साय ने कहा कि नियमित दिनचर्या, समय का सही प्रबंधन और लगातार अभ्यास सफलता की सबसे अहम कुंजी है। उन्होंने कहा कि वह खुद भी अपने जीवन में अनुशासित दिनचर्या का पालन करते हैं।

साय ने छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है।

साय ने छात्रों को योग, व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि योग व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि वह खुद हर रोज योग करते हैं और अत्यधिक व्यस्त दिनचर्या के बावजूद व्यायाम के लिए समय निकालते हैं।

छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की यात्रा भी साझा की।

साय ने बताया कि बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारियां कम उम्र में ही उनके कंधों पर आ गईं। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी, छोटे भाइयों की पढ़ाई और परिवार की देखभाल के बीच उन्होंने जीवन का संघर्ष करीब से देखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह राजनीति में इतने बड़े मुकाम तक पहुंचेंगे, लेकिन उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाते गए।

भाषा

संजीव पारुल

पारुल