नागपुर, 11 मई (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का 25 दिवसीय वार्षिक ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-द्वितीय’ सोमवार को यहां रेशिमबाग में डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन परिसर में शुरू हुआ।
आरएसएस द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि देश भर से 880 स्वयंसेवक इस वर्ष ‘वर्ग’ में भाग ले रहे हैं, जो सामाजिक जागरूकता और सामाजिक परिवर्तन पर केंद्रित प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
इस अवसर पर स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए सह-सरकार्यवाह और वर्ग पाकल अधिकारी (प्रशिक्षण प्रभारी) अतुल लिमये ने कहा कि भारत में जन्म लेना और आरएसएस का हिस्सा बनना उनका सौभाग्य है।
लिमये ने कहा, “आरएसएस की शताब्दी भर की यात्रा में इसे उपहास, उपेक्षा और विरोध का सामना करना पड़ा है। इसे तीन बार प्रतिबंधित भी किया गया था। यह यात्रा स्वयंसेवकों के समर्पण, संघर्ष और समयोचित बलिदानों के कारण ही संभव हो पाई है। यह साधारण दिखने वाले स्वयंसेवकों के असाधारण आचरण का ही परिणाम है जिसने आरएसएस को आज के स्वरूप तक पहुंचाया है।”
उन्होंने कहा कि आरएसएस की “व्यक्ति निर्माण” की प्रक्रिया विकेंद्रीकृत है, और इसका एक महत्वपूर्ण घटक दैनिक “शाखा” है।
भाषा प्रशांत संतोष
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