VISHNU DEO SAI/ IMAGE OSURCE: IBC24
CM Sai Himanta Biswa Oath Ceremony: रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने दोनों डिप्टी सीएम अरुण साव और विजय शर्मा के साथ असम के लिए रवाना हुए। तीनों नेता गुवाहाटी में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे, जहां भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री साय ने कहा कि असम में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर शामिल होना उनके लिए खुशी की बात है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि असम की जनता ने विकास और सुशासन पर भरोसा जताते हुए भाजपा को फिर से जनादेश दिया है। उन्होंने कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में राज्य में विकास कार्यों को गति मिली है, जिसका परिणाम चुनाव नतीजों में साफ दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि वे और दोनों उपमुख्यमंत्री भाजपा नेतृत्व को शुभकामनाएं देने गुवाहाटी जा रहे हैं।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने भी कहा कि असम सरकार की ओर से उन्हें औपचारिक आमंत्रण मिला है, जिसके बाद वे समारोह में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की लगातार जीत यह साबित करती है कि जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और पार्टी की नीतियों पर विश्वास कर रही है।
इस दौरान अरुण साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील का समर्थन भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से पेट्रोल, डीजल और उर्वरक पदार्थों को लेकर सहयोग की अपील की है। देश जब भी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से गुजरता है, तब जनता के सहयोग से ही मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि भारत ने हर संकट में एकजुट होकर चुनौतियों का सामना किया है और इस बार भी जनता प्रधानमंत्री के आवाहन पर साथ देगी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण साव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि देशहित के मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कभी जनता से सहयोग नहीं मांगा था। कोरोना काल का उदाहरण देते हुए साव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से सहयोग मांगा था और पूरे देश ने मिलकर महामारी पर विजय प्राप्त की।
समाजवादी पार्टी के एक सांसद द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान पर भी अरुण साव ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के लिए इस तरह की भाषा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा की आगामी संगठनात्मक बैठक में पार्टी को और मजबूत बनाने तथा भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।