bastar naxali surrender/ image source:IBC24
धमतरी: धमतरी जिले में 5 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली ने पुलिस के सामने सरेंडर किया। यह महिला नक्सली, जिसे नक्सली भूमिका उर्फ गीता के नाम से जाना जाता था, ने जिले के धमतरी SP के सामने आत्मसमर्पण किया। गीता लंबे समय से नक्सली संगठन से जुड़ी हुई थी और उसकी गतिविधियों पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से नजर रख रही थीं।
सूत्रों के अनुसार, भूमिका नक्सली संगठन में नगरी एरिया कमेटी की सदस्य और गोबरा LOS कमांडर के रूप में काम कर रही थी। वह संगठन के कई बड़े आपराधिक मामलों में शामिल रही है और सालों से पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी। भूमिका ने वर्ष 2005 से नक्सली संगठन में सक्रिय होकर विभिन्न अवैध गतिविधियों में हिस्सा लिया।
धमतरी पुलिस ने बताया कि गीता ने आत्मसमर्पण करके अपने 5 लाख रुपये के इनाम को खत्म करने का फैसला किया। पुलिस ने कहा कि सरेंडर के बाद वह सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करेंगी। धमतरी SP ने बताया कि पुलिस और प्रशासन नक्सली प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी और अभियान चला रहे हैं।
बता दें कि, कल ही खबर आ रही थी की लाल आतंक पर अंतिम प्रहार शुरू करा जाएगा। बस्तर में माओवादी बचे अब सिर्फ सीमित क्षेत्र में, फोर्स ने की अंतिम प्रहार की तैयारी बस्तर में फोर्स ने माओवाद पर अंतिम प्रहार की तैयारी शुरू कर दी है, कभी किसी दौर में बस्तर के 7 जिलों में माओवाद फैला हुआ था लेकिन अब माओवादियों का इलाका सिमट चुका है
अब सिर्फ दक्षिण बस्तर का बीजापुर और सुकमा जिले के कुछ क्षेत्र में माओवादी सिमट गए है, जानकारी के अनुसार सुकमा आंध्र प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र, बीजापुर का इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र तेलंगाना बोर्डर का कुछ इलाका और दंतेवाड़ा का सीमाई इलाके में 6 एरिया कमेटी शेष बची हुई है।
बस्तर में अब सिर्फ माओवादी संगठन के शीर्ष कैडर में दंडकारण स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य पापाराव ही बचा हुआ है जिसकी तलाश फोर्स ने शुरू कर दी है इसके अलावा DVCM और ACM रैंक के कुछ माओवादी अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भाग रहे है।
साल 2026 की शुरुवात फोर्स ने सुकमा जिले की कोंटा एरिया कमेटी को खत्म कर की इसके साथ ही फोर्स ने माओवादी संगठन को अपना बोरिया बिस्तर बस्तर से बांधने का सिग्नल भी दे दिया, छोटे केडर के अलावा फोर्स पोलित ब्यूरो मेंबर और केंद्रीय समिति सदस्य स्तर के माओवादियों को भी अपने निशाने में लिए हुए है।
हालांकि अब बस्तर में माओवादियों का कोई भी शीर्ष नेता नहीं है, शीर्ष कैडर के नेताओं की कमी के चलते अब बस्तर में माओवादी संगठन निर्णय भी नहीं ले पा रहा, बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने माओवादियों को एक समय सीमा तक ही आत्म समर्पण करने का मौका देने की बात कह दी है।