CG Land Diversion News: कृषि भूमि पर घर बनाने के लिए अब नहीं कराना होगा डायवर्सन, सरकार ने खत्म की बाध्यता, पहले लेनी होती थी इस अधिकारी से अनुमति

कृषि भूमि पर घर बनाने के लिए अब नहीं कराना होगा डायवर्सन, Diversion will no longer be required to build houses on agricultural land

CG Land Diversion News: कृषि भूमि पर घर बनाने के लिए अब नहीं कराना होगा डायवर्सन, सरकार ने खत्म की बाध्यता, पहले लेनी होती थी इस अधिकारी से अनुमति
Modified Date: December 15, 2025 / 03:31 pm IST
Published Date: December 14, 2025 8:48 pm IST

रायपुर। CG Land Diversion News छत्तीसगढ़ में जमीन के डायवर्सन को लेकर सरकार ने आम लोगों को राहत देने वाला बड़ा आदेश जारी किया है। अब डायवर्सन की प्रक्रिया घर बैठे ऑनलाइन पूरी की जा सकेगी। वर्तमान में कृषि भूमि को आवासीय या आवासीय भूमि को व्यावसायिक कराने में कम से कम दो से तीन महीने का समय लग रहा था। इसके अलावा लोगों को शुल्क के साथ-साथ हजारों रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब लोगों को मात्र 15 दिनों के भीतर आदेश मिल जाएगा।

डायवर्सन के लिए अब लोगों को बार-बार तहसील और एसडीएम कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और न ही आरआई-पटवारियों के पीछे घूमना पड़ेगा। रविवार को सरकार ने इस आदेश की अधिसूचना राजपत्र में भी प्रकाशित कर दी है। अनुज्ञा डायवर्सन के लिए अब सक्षम प्राधिकारी की अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। अधिसूचना के अनुसार नगर निगम एवं नगर पालिका की सीमा, नगर निगम और नगर पालिका की बाहरी सीमा से 5 किलोमीटर तक का क्षेत्र, नगर पंचायत क्षेत्र, नगर पंचायत की बाहरी सीमा से 2 किलोमीटर तक का क्षेत्र तथा ग्रामीण इलाकों में भूमि डायवर्सन के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति जरूरी नहीं होगी। सक्षम प्राधिकारी द्वारा ही ऐसी जमीनों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा।

CG Land Diversion News  सरकार आने वाले कुछ दिनों में इससे संबंधित आगे की अधिसूचना भी जारी करेगी। इसके बाद अधिकारी प्रकरण को रोककर नहीं रख सकेंगे। डायवर्सन के प्रत्येक आवेदन में समय सीमा निर्धारित (लॉक) रहेगी। नए सिस्टम के तहत जमीन का डायवर्सन कराने के लिए भूमि मालिक को सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ क्षेत्र के अनुसार निर्धारित भू-राजस्व और प्रीमियम दर, यानी डायवर्सन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। यह आवेदन संबंधित जिले के एसडीएम के पास ऑनलाइन ही पहुंचेगा। पूरी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का मैन्युअल कार्य नहीं होगा। नए नियमों के अनुसार एसडीएम को 15 दिनों के भीतर डायवर्सन का आदेश जारी करना अनिवार्य होगा। यदि तय समय सीमा में एसडीएम आदेश जारी नहीं करते हैं, तो 16वें दिन ऑटोमैटिक सिस्टम के जरिए आदेश जारी हो जाएगा और आवेदनकर्ता का डायवर्सन स्वतः मान्य माना जाएगा।

गौरतलब है कि वर्तमान में डायवर्सन कराने के नाम पर जमीन दलाल, कॉलोनी संचालक या कॉलोनाइजर लोगों से अतिरिक्त रकम की मांग करते हैं। खासतौर पर कृषि भूमि को आवासीय में बदलने के लिए अधिक राशि ली जाती है। लेकिन अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से लोगों को किसी को भी अतिरिक्त पैसा देने की जरूरत नहीं होगी। जो प्रीमियम दर निर्धारित होगी, उसी का भुगतान करना होगा और वह भी ऑनलाइन।


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।