Bhilai Bus Auction: कंडम हो गई 20 करोड़ की सिटी बसें, महज इतने ही दिन दौड़ पाई थी सड़कों पर, अब नीलामी से सबूत मिटाने की तैयारी में प्रशासन?
भिलाई नगर निगम 20 करोड़ की लागत से खरीदी गई 69 सिटी बसों की 9 जनवरी को ऑनलाइन नीलामी करने जा रहा है। आरोप है कि कोरोना काल में बसों के पार्ट्स चोरी हुए और अब नीलामी से भ्रष्टाचार की जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Bhilai Bus Auction/ Image source: IBC24
- भिलाई नगर निगम 20 करोड़ की 69 सिटी बसों की ऑनलाइन नीलामी 9 जनवरी को करेगा।
- कोरोना काल में खड़ी बसों के इंजन, टायर और अन्य पार्ट्स चोरी होने के आरोप।
- नीलामी के बाद बस घोटाले की आगे जांच की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाएगी।
Bhilai Bus Auction भिलाई : छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर निगम ने 20 करोड़ की बसों को कौड़ियों के दाम पर बेचने की तैयारी कर ली है। पिछले पांच सालों से कबाड़ बन चुकी 69 सिटी बसों की नीलामी प्रक्रिया 9 जनवरी को दोपहर 12 बजे से ऑनलाइन शुरू होगी। इस नीलामी में केवल रजिस्टर्ड बिडर ही भाग ले सकेंगे। इस प्रक्रिया के साथ ही बसों को कबाड़ बनाने वाले लोगों पर कार्रवाई के न तो कोई सबूत बचेंगे और न ही आगे किसी जांच की गुंजाइश रहेगी।Bhilai Transport News इस नीलामी से निगम की संचित निधि से लगाए गए 10 करोड़ रुपए भी पूरी तरह डूब जाएंगे।
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ीं 70 बसें
बता दें कि 20 करोड़ की लागत से 70 सिटी बस खरीदकर राज्य शासन ने दुर्ग-भिलाई के लिए सेवा शुरू की थी, जिसमें 10 करोड़ रुपये भिलाई निगम ने दिए थे। Bhilai Bus Parts Theft कोरोना काल में बसों के पहिए थमने के बाद अधिकारियों और संचालन एजेंसी की मिलीभगत से खड़ी बसों के टायर, गियर बॉक्स, इंजन और खिड़की-दरवाजे तक चोरी हो गए। Bhilai Municipal Corporation Scam भ्रष्टाचार का आलम यह था कि 13 नई बसें तो डिपो के बाहर भी नहीं निकली थीं और खड़े-खड़े केवल उनका ढांचा ही बच गया। जब-जब मामला खबरों में आया, अधिकारी एफआईआर और जांच की बात कहकर टालते रहे, लेकिन कभी ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अधिकारियों का जवाब आज भी गोलमोल
CG Latest News इन 10 सालों में बसों के पार्ट्स चोरी होने को लेकर निगम के अधिकारियों का जवाब आज भी गोलमोल है। कमिश्नर राजीव पांडेय का कहना है कि वैल्वेशन कमेटी की जांच के बाद पाया गया कि ये बसें अब चलने लायक नहीं हैं, इसलिए नीलामी की जा रही है। उन्होंने ठेका एजेंसी की अमानत राशि राजसात करने और पुलिस शिकायत की बात भी कही। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब निगम का खजाना पहले से खाली है, तब जनता के टैक्स से बनी 10 करोड़ की संचित निधि को इस तरह क्यों डूबने दिया गया? कल की नीलामी के बाद पुर्जे-पुर्जे बेचकर खाने वाले लोग पूरी तरह निश्चिंत हो जाएंगे।

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