CSVTU Bhilai Phd Scam: छात्रों की फीस का पैसा खा गए अधिकारी? खुद कुलपति ने खोली फाइल, मिली करोड़ों की हेरा-फेरी

भिलाई स्थित स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय में पीएचडी शोधार्थियों की फीस से जुड़े लाखों रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है। फर्जी रसीदों के जरिए वसूली का आरोप लगा है, जिसकी जांच जारी है।

  • Reported By: Akash rao madne

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  • Publish Date - January 16, 2026 / 05:02 PM IST,
    Updated On - January 16, 2026 / 05:03 PM IST

CSVTU Bhilai Phd Scam:

HIGHLIGHTS
  • पीएचडी शोधार्थियों की फीस में लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा उजागर।
  • 2022 से 2025 के बीच अनियमितताओं का आरोप।
  • जांच समिति गठित, अब फीस केवल ऑनलाइन/UPI से जमा होगी।

भिलाई : छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय में पीएचडी शोधार्थियों के लाखों रुपये की जमा फीस से जुड़े वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है।  ( CSVTU Bhilai Phd Scam )आरोप है कि विश्वविद्यालय के कुछ पूर्व अधिकारियों की मिलीभगत से शोधार्थियों की फीस फर्जी रसीद के जरिए वसूली गई, लेकिन विश्वविद्यालय के खाते में जमा नहीं की गई। फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया है।

फिलहाल विश्वविद्यालय में जांच समिति गठित कर दी गई है, जो एक हफ्ते के भीतर अपनी जांच पूरी करेगी। ( Bhilai university fake receipt case )साथ ही विश्वविद्यालय प्रबंधन ने नोटिस जारी कर तमाम प्रकार की फीस ऑनलाइन या फिर यूपीआई के जरिए जमा करने के आदेश दिए हैं।

2022 से 2025 में हुई अनियमितताएं

मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 से 2025 के मध्य ऐसी अनियमितताएं हुई हैं। ( Bhilai news today )जांच में यह पाया गया कि शोधार्थियों ने अपनी फीस का भुगतान तो किया, जिसके बदले उन्हें विश्वविद्यालय की आधिकारिक दिखने वाली रसीदें भी दी गईं, लेकिन वह राशि कभी विश्वविद्यालय के मुख्य बैंक खाते में जमा ही नहीं हुई। फर्जी रसीदों के माध्यम से पैसा बीच में ही गायब कर दिया गया। शोधार्थियों द्वारा दिखाई गई रसीदों का खातों और रजिस्टर से मिलान किया गया, तो फर्जीवाड़ा सामने आया। (  PhD students fee  )जिन शोधार्थियों ने फीस जमा कर दी थी, उनके पास बकायदा रसीद तो है, लेकिन उनके आगे के प्रोसेस को लेकर संशय बना हुआ है। वहीं कुछ शोधार्थियों के अवॉर्ड भी हो चुके हैं, जबकि कुछ ने देरी को देखते हुए दोबारा फीस जमा कर दी है।

 फीस ऑनलाइन  जमा करने के आदेश

विश्वविद्यालय के कुलपति ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके पदभार ग्रहण करने के बाद रिकॉर्ड खंगालने पर यह मामला उजागर हुआ है, जिसके लिए एक जांच समिति गठित की गई है। ( Swami Vivekanand Technical University )जांच एक सप्ताह के भीतर पूरी हो जाएगी, जिसके बाद विश्वविद्यालय कार्रवाई करेगा। वहीं घोटाले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने नोटिस जारी कर सभी प्रकार की फीस ऑनलाइन या फिर यूपीआई के जरिए जमा करने के आदेश दिए हैं।

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घोटाला किससे जुड़ा है?

पीएचडी शोधार्थियों की जमा फीस से।

फर्जीवाड़ा कब का बताया जा रहा है?

वर्ष 2022 से 2025 के बीच का।

विश्वविद्यालय ने क्या कदम उठाया है?

जांच समिति बनाई गई है और फीस ऑनलाइन/UPI से लेने के आदेश दिए गए हैं।