दुर्ग: Durg child murder case Update: छत्तीसगढ़ के एक दिल दहला देने वाले दुष्कर्म और हत्याकांड में पुलिस ने मंगलवार को डीएनए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक की जिससे यह पुष्टि हो गई कि बच्ची से दरिंदगी और उसकी हत्या के मामले में सगा चाचा सोमेश यादव दोषी पाया गया है।
Durg child murder case Update: पुलिस द्वारा जारी की गई डीएनए रिपोर्ट के अनुसार बच्ची के शरीर से लिए गए सैंपल और आरोपी सोमेश यादव के सैंपल की डीएनए रिपोर्ट पॉजीटिव आई है जिससे यह साबित हो गया कि आरोपी ने ही बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बच्ची की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई जो कि दुष्कर्म के बाद हुआ था। इस घटना के बाद से ही आरोपी के परिवार और कुछ स्थानीय लोगों द्वारा सोमेश यादव को निर्दोष ठहराने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन अब डीएनए रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी तरह से आरोपी की गुनाह को सिद्ध कर दिया है।
Durg child murder case Update: हालांकि परिजनों का मानना है कि डीएनए रिपोर्ट से वे संतुष्ट नहीं हैं। वे चाहते हैं कि मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और इसके लिए उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की है। पीड़िता के परिजनों का कहना है कि अगर सीबीआई जांच में यह पाया जाता है कि सोमेश यादव ही अकेला दोषी है तो वे फांसी की सजा की मांग करेंगे। परिजनों का यह भी कहना है कि सीबीआई जांच के दौरान अगर उनके सामने और कोई सवाल उठते हैं तो उन्हें उसका भी समाधान चाहिए। इसके लिए वे जल्द ही रायपुर स्थित CBI कार्यालय तक जाने की तैयारी कर रहे हैं।
Durg child murder case Update: हालांकि पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सोमेश यादव ही बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाला आरोपी था और अब मामले में कोई भी संदेह नहीं बचा है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के बाद मामले की गहराई से जांच की है और उसकी गुनाह साबित कर दी है।
"डीएनए रिपोर्ट" से कैसे पुष्टि होती है कि आरोपी दोषी है?
डीएनए रिपोर्ट में आरोपी के शरीर से लिए गए सैंपल और पीड़िता के शरीर के सैंपल की तुलना की जाती है। यदि दोनों सैंपल पॉज़िटिव होते हैं, तो यह पुष्टि करता है कि आरोपी ने अपराध किया है।
"पोस्टमार्टम रिपोर्ट" क्या बताती है?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह पता चलता है कि पीड़िता की मृत्यु किस कारण हुई थी। इस मामले में रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई है कि बच्ची की मृत्यु हार्ट अटैक से हुई, जो दुष्कर्म के बाद हुआ था।
"सीबीआई जांच" की आवश्यकता क्यों है?
परिजनों का मानना है कि उच्च स्तरीय जांच से मामले के सभी पहलुओं को और गहराई से समझा जा सकता है। उन्हें विश्वास है कि सीबीआई जांच से सभी सवालों का हल मिल सकता है।
"सीबीआई जांच" की प्रक्रिया क्या होती है?
सीबीआई जांच में उच्च स्तरीय अधिकारियों द्वारा मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच की जाती है। इसमें सभी साक्ष्यों का पुनः परीक्षण और विस्तृत जांच की जाती है ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
"दुष्कर्म और हत्या" के मामलों में सजा क्या होती है?
यदि आरोपी दोषी पाया जाता है, तो उसे दुष्कर्म के लिए 10 साल से लेकर फांसी तक की सजा हो सकती है, जबकि हत्या के मामले में फांसी या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।