Tarique Rahman Prime Minister || Image- ANI News File
ढाका: बांग्लादेश में महत्वपूर्ण आम चुनावों में अपनी पार्टी बीएनपी को शानदार जीत दिलाने के बाद तारिक रहमान देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में मंगलवार यानी आज शपथ लेंगे। लंबे समय से चली आ रही एक परंपरा को तोड़ते हुए बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष तारिक रहमान (60) का शपथ ग्रहण समारोह बंगभवन के बजाय संसद परिसर के साउथ प्लाजा में आयोजित किया जाएगा। (Tarique Rahman Prime Minister) सरकारी समाचार एजेंसी ‘बीएसएस’ ने सोमवार को बताया कि राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन आज दोपहर को जातीय संसद के साउथ प्लाजा में नये मंत्रिमंडल सदस्यों को शपथ दिलाएंगे। जातीय संसद सचिवालय की सचिव कनीज मौला ने बीएसएस को पहले बताया था, ‘‘संसद सचिवालय में कल शाम चार बजे नये मंत्रिमंडल सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इससे पहले सांसद सुबह 10 बजे जातीय संसद परिसर के साउथ प्लाजा में शपथ लेंगे।’’
रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे। सूत्रों के अनुसार, विदेश सचिव विक्रम मिसरी और लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह के भी बिरला के साथ उपस्थित रहने की संभावना है।
बांग्लादेश में हाल में संपन्न आम चुनावों में अल्पसंख्यक समुदायों के चार उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है, जिनमें दो हिंदू नेता शामिल हैं। ये सभी उम्मीदवार बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) से जुड़े हैं, जो अब सरकार बनाने जा रही है। हिंदू उम्मीदवार गोयेश्वर चंद्र रॉय और निताई रॉय चौधरी ने क्रमशः ढाका और पश्चिमी मागुरा सीट से जीत हासिल की। दोनों ने जमात-ए-इस्लामी के प्रत्याशियों को पराजित किया। रॉय बीएनपी की शीर्ष स्थायी समिति के सदस्य हैं, जबकि चौधरी पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं।
तीसरे अल्पसंख्यक सांसद साचिंग पुरू हैं, जो बौद्ध धर्म के अनुयायी और बीएनपी के वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने दक्षिणी पहाड़ी जिले बंदरबन से जीत दर्ज की और मरमा जनजातीय समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। चौथे विजेता दिपेन दीवान हैं, जो चकमा समुदाय से आते हैं और रंगमती पहाड़ी जिले से निर्वाचित हुए हैं। (Tarique Rahman Prime Minister) हालांकि उनकी धार्मिक पहचान को लेकर मतभेद हैं, लेकिन उन्हें व्यापक रूप से अल्पसंख्यक समुदाय का प्रतिनिधि माना जा रहा है।
मुस्लिम बहुल बांग्लादेश की आबादी करीब 17 करोड़ है, जिसमें हिंदुओं की हिस्सेदारी लगभग 8 प्रतिशत है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस चुनाव में धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों के 79 उम्मीदवारों ने भाग लिया, जिनमें 10 महिलाएं शामिल थीं। इनमें से 67 उम्मीदवार 22 राजनीतिक दलों द्वारा नामित थे, जबकि 12 निर्दलीय मैदान में उतरे। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ बांग्लादेश ने सबसे अधिक 17 अल्पसंख्यक उम्मीदवार उतारे, जबकि अन्य वामपंथी दलों ने भी उल्लेखनीय संख्या में प्रत्याशी मैदान में उतारे।
इस चुनाव में बीएनपी ने कुल छह अल्पसंख्यक उम्मीदवार उतारे थे, जबकि जातीय पार्टी ने चार नामित किए। उल्लेखनीय है कि जमात-ए-इस्लामी ने पहली बार किसी हिंदू उम्मीदवार को टिकट दिया। वर्ष 2024 और 2018 के चुनावों में 17-17 हिंदू सांसद निर्वाचित हुए थे, जिनमें अधिकांश अवामी लीग से जुड़े थे। इस बार तारिक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी ने 49.97 प्रतिशत मतों और 209 सीटों के साथ दो-तिहाई बहुमत हासिल कर सत्ता पर कब्जा किया।