Reported By: Farooq Memon
,CG National Highway Closed/Image Source: symbolic
गरियाबंद: CG National Highway Closed: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उड़ीसा के लगभग 10 जिलों और छत्तीसगढ़ के कई जिले इससे सीधे तौर पर प्रभावित होने जा रहे हैं। आदेश के बाद इन इलाकों के निवासी चिंतित नजर आ रहे हैं।
CG National Highway Closed: दरअसल, वन्यजीवों के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से टाइगर प्रोजेक्ट क्षेत्र के कोर एरिया में शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक सभी प्रकार के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। इस दौरान केवल एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही आने-जाने की अनुमति दी गई है। इस आदेश की जद में नेशनल हाईवे 130-C भी आ गया है, जो रायपुर, गरियाबंद और उड़ीसा को जोड़ता है। इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों यात्री वाहन, मालवाहक वाहन और निजी वाहन गुजरते हैं।
CG National Highway Closed: गरियाबंद जिले के देवभोग और आगे उड़ीसा के कई जिलों को छत्तीसगढ़ और रायपुर से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग नेशनल हाईवे 130-C उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से होकर गुजरता है। आदेश के पालन में तौरंगा से इंदागांव के बीच लगे बैरियर को बंद करने के शासकीय निर्देश के बाद स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ गई है। इतना ही नहीं, गरियाबंद और धमतरी जिले में टाइगर प्रोजेक्ट के कोर एरिया में आने वाले 50 से अधिक ग्रामीण मार्गों पर भी आवागमन बंद किया जा रहा है। गरियाबंद जिले में तौरंगा, जुगाड़, जांगड़ा, बम्हनीझोला, इंदागांव और गरिबा बैरियर शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक बंद रहेंगे। वहीं धमतरी जिले में भी दर्जनों बैरियर बंद किए जाएंगे।
इस फैसले को लेकर ग्रामीणों में गहरी चिंता व्याप्त है। देवभोग क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि कम से कम नेशनल हाईवे को इस प्रतिबंध से राहत दी जानी चाहिए। ग्रामीणों ने सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार की गुहार लगाने की बात कही है। इस विषय पर गरियाबंद के अधिवक्ता प्रशांत मानिकपुरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश सर्वमान्य है, लेकिन इस मार्ग का कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं है। ऐसे में देवभोग और उड़ीसा के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसी कारण उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने का अनुरोध किया गया है।