Rajim Violence News: आखिर क्यों अचानक सुलग उठा राजिम ? सामने आई हिंसा की वो चौंकाने वाली वजह, आप भी जानें पूरी इनसाइड स्टोरी

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छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के राजिम के दुधकैयां गांव में सांप्रदायिक तनाव हिंसक हो गया है। घरों और गाड़ियों में आगजनी के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। हालात को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, वहीं आईजी और एसपी मौके पर मौजूद हैं।

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  • Publish Date - February 1, 2026 / 10:58 PM IST,
    Updated On - February 2, 2026 / 06:19 PM IST

Rajim Violence News / Image Source : IBC24

HIGHLIGHTS
  • राजिम के दुधकैयां गांव में सांप्रदायिक तनाव हिंसक रूप में बदला, घरों और कारों में आगजनी।
  • आरोपी के जेल से लौटने के बाद दोनों पक्षों में मारपीट और पथराव, हालात बेहद तनावपूर्ण।
  • गांव में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात, आईजी और एसपी मौके पर मौजूद।

गरियाबंद : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद ज़िले के राजिम के दुधकैयाँ गांव में भड़का सांप्रदायिक तनाव अब और उग्र हो गया है। दोनों पक्षों के बीच हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। ग्रामीणों ने विशेष समुदाय के घर में घुसकर घर और कार को आग के हवाले कर दिया। इस पूरी घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी और एसपी भी मौके पर पहुंच चुके हैं। साथ ही पूरे गांव में चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

जेल से आने के बाद भड़की हिंसा

मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला राजिम के दुधकैयाँ गांव का है। यहां दोनों समुदायों के लोगों के बीच करीब तीन वर्ष पहले सांप्रदायिक तनाव शुरू हुआ था। जानकारी मिली है कि विशेष समुदाय के एक व्यक्ति ने गांव के शिव जी के मंदिर को तोड़ दिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। (Rajim Violence News)   ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।

ग्रामीणों ने घर में घुसकर लगाई आग

बताया जा रहा है कि जैसे ही विशेष समुदाय का आरोपी जेल से लौटा, उसने दूसरे समुदाय के लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया। (Gariaband News) इसके बाद ग्रामीणों ने विशेष समुदाय के व्यक्ति के घर में घुसकर आग लगा दी। इतना ही नहीं, ग्रामीण इतने आक्रोशित थे कि उन्होंने घर के बाहर खड़ी कार को भी आग के हवाले कर दिया। यह पूरी हिंसा देखते ही देखते इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थरबाज़ी करते हुए जानलेवा हमला कर दिया। घटना की सूचना जैसे ही पुलिस को मिली, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राजनांदगांव, धमतरी और महासमुंद ज़िलों के पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। गांव के हालात इतने खराब थे कि स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा।

पुलिस पर किया हमला

पुलिस के लाठीचार्ज करते ही ग्रामीण और भी ज्यादा आक्रोशित हो गए और उन्होंने पुलिस पर ही लाठी और पत्थरों से हमला कर दिया। इसके बाद इलाके का माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया। सूचना यह भी मिली है कि मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आईजी और एसपी गांव में मौजूद हैं।

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हिंसा की शुरुआत कैसे हुई?

बताया जा रहा है कि आरोपी के जेल से गांव लौटने के बाद विवाद बढ़ा और हिंसा भड़क उठी।

हिंसा में क्या-क्या नुकसान हुआ?

कई घरों और गाड़ियों को आग के हवाले किया गया, साथ ही दोनों पक्षों में जमकर मारपीट और पथराव हुआ।

पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए क्या कदम उठाए?

कई जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया, लाठीचार्ज किया गया और पूरे गांव में भारी पुलिस तैनाती की गई है।