Chhattisgarh News: मासूम को दूध पिलाती टीचर के साथ ये हरकत करता था हेडमास्टर.. मांगता था मासिक धर्म पर मेडिकल सर्टिफिकेट, शिकायत के बाद नहीं हुई कोई कार्रवाई

मासूम को दूध पिलाती टीचर के साथ ये हरकत करता था हेडमास्टर.. मांगता था मासिक धर्म पर मेडिकल सर्टिफिकेट, Head Master Obscene Act Wadrafnagar Balrampur

Chhattisgarh News: मासूम को दूध पिलाती टीचर के साथ ये हरकत करता था हेडमास्टर.. मांगता था मासिक धर्म पर मेडिकल सर्टिफिकेट, शिकायत के बाद नहीं हुई कोई कार्रवाई
Modified Date: August 6, 2026 / 07:34 pm IST
Published Date: August 6, 2026 7:33 pm IST

वाड्रफनगरः Chhattisgarh News: बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय भरूहीबांस के प्रधानपाठक मनोज गुप्ता पर महिला शिक्षिकाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिक्षिकाओं का आरोप है कि प्रधानपाठक ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली हरकतें कीं। मामले की लिखित शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी और क्षेत्रीय विधायक से भी की गई थी।

शिकायत में एक महिला शिक्षिका ने आरोप लगाया था कि जब वह अपने बच्चे को स्तनपान करा रही थीं, तब प्रधानपाठक ने कथित तौर पर छिपकर देखने का प्रयास किया। इसके अलावा महिला शिक्षिकाओं ने मासिक धर्म के दौरान अवकाश लेने पर मेडिकल सर्टिफिकेट मांगने का भी आरोप लगाया है। शिक्षिकाओं का कहना है कि इस तरह की घटनाओं के चलते विद्यालय का माहौल उनके लिए असहज और असुरक्षित हो गया है तथा वे मानसिक दबाव में काम कर रही हैं।

विधायक के निर्देश के बाद हुई जांच

Chhattisgarh News: मामले की शिकायत क्षेत्रीय विधायक से भी की गई थी। बताया गया कि विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से मामले की जांच DMC के माध्यम से कराई गई। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, जांच में महिला शिक्षिकाओं की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बावजूद अब तक प्रधानपाठक के खिलाफ विभागीय स्तर पर कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई है। इससे शिकायतकर्ता शिक्षिकाओं में नाराजगी है।

जांच रिपोर्ट के बाद भी कार्रवाई का इंतजार

महिला शिक्षिकाओं का कहना है कि जब मामले की जांच पूरी हो चुकी है और जांच में आरोपों की पुष्टि भी हुई है, तो कार्रवाई में देरी समझ से परे है। उनका सवाल है कि आखिर विभाग जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लेने में क्यों देरी कर रहा है। मामले को लेकर अब शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। खासकर महिला कर्मचारियों की शिकायत, विधायक के निर्देश और जांच रिपोर्ट सामने आने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने को लेकर विभाग की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।