हिमाचल में नयी पहल के तहत बिलासपुर में होगा एआई सक्षम मादक पदार्थ जांच प्रणाली का इस्तेमाल

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हिमाचल में नयी पहल के तहत बिलासपुर में होगा एआई सक्षम मादक पदार्थ जांच प्रणाली का इस्तेमाल

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  • Publish Date - June 27, 2026 / 09:16 AM IST,
    Updated On - June 27, 2026 / 09:16 AM IST

बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश), 27 जून (भाषा) हिमाचल प्रदेश में अपनी तरह की नयी पहल के तहत बिलासपुर जिला प्रशासन ने उन्नत ‘सोटॉक्सा मोबाइल ड्रग टेस्टिंग सिस्टम’ खरीदने की प्रक्रिया शुरू की है ताकि चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों के खिलाफ राज्य की लड़ाई को मजबूत किया जा सके।

उपायुक्त राहुल कुमार ने शनिवार को बताया कि करीब 19 लाख रुपये की अनुमानित लागत वाली यह प्रणाली जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफटी) के माध्यम से खरीदी जा रही है और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जल्द ही इसका उद्घाटन कर सकते हैं।

यह पोर्टेबल प्रणाली लार के नमूने से मादक पदार्थ की मौजूदगी का पता लगाकर पांच मिनट के भीतर परिणाम दे सकती है। यह मेथामफेटामीन (चिट्टा), एम्फेटामाइन, बेंजोडायजेपाइन, कैनबिस (टीएचसी), कोकीन और अफीम समेत छह प्रमुख श्रेणियों के मादक पदार्थों की जांच करने में सक्षम है।

उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार मादक पदार्थों के इस्तेमाल और उनकी तस्करी को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य न केवल मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करना, बल्कि युवाओं को नशे की बढ़ती समस्या से बचाना भी है।

उन्होंने कहा कि इस पहल से कानून प्रवर्तन एजेंसियां तेजी से और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित जांच मौके पर कर सकेंगी।

कुमार ने कहा कि बिलासपुर ‘सोटॉक्सा’ जांच प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने वाला राज्य का पहला जिला होगा। शुरुआत में प्रायोगिक परियोजना के तहत एक उपकरण लगाया जाएगा और उसकी उपयोगिता एवं सटीकता के आधार पर अगले चरणों में और उपकरण खरीदे जाएंगे।

उपायुक्त ने प्रणाली की उन्नत क्षमताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित विश्लेषण की सुविधा भी होगी। जांच से प्राप्त आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर मादक पदार्थों के इस्तेमाल से जुड़े प्रमुख स्थानों, तस्करी के तरीकों और उभरते चलन की पहचान की जाएगी।

इन निष्कर्षों को पुलिस विभाग के साथ साझा किया जाएगा, जिससे तथ्यों पर आधारित योजना बनाने और संगठित मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ लक्षित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

भाषा

सिम्मी रंजन

रंजन