आईआईटी बंबई, न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय ने इंजीनियरिंग शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग की घोषणा की

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आईआईटी बंबई, न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय ने इंजीनियरिंग शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग की घोषणा की

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  • Publish Date - June 27, 2026 / 10:29 AM IST,
    Updated On - June 27, 2026 / 10:29 AM IST

योषिता सिंह

न्यूयॉर्क, 27 जून (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), बंबई और ‘न्यूयॉर्क स्टेट यूनिवर्सिटी’ ने विज्ञान एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्रों में सहयोग के लिए हाथ मिलाया है और यह कदम शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भारत-अमेरिका साझेदारी के मजबूत होने की बात को रेखांकित करता है।

आईआईटी बंबई और स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क ओल्ड वेस्टबरी (एसयूएनवाई ओल्ड वेस्टबरी) ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड स्थित परिसर में शिक्षा और अनुसंधान के नए अवसर विकसित करने के लिए साझेदारी करेंगे।

आईआईटी बंबई के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे और एसयूएनवाई ओल्ड वेस्टबरी के अध्यक्ष डॉ. टिमोथी ई. सैम्स ने न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूत बिनय प्रधान की मौजूदगी में एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए।

एसयूएनवाई ओल्ड वेस्टबरी ने एक बयान में कहा कि इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थान कृत्रिम मेधा जैसे उभरते क्षेत्रों पर केंद्रित विज्ञान और इंजीनियरिंग के सभी स्तरों पर नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम तैयार करने की दिशा में काम शुरू करेंगे। इसके साथ ही संयुक्त अनुसंधान गतिविधियों की योजना भी बनाई जाएगी।

इस घोषणा संबंधी कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, उच्च शिक्षा सचिव डॉ. विनीत जोशी और अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।

धर्मेंद्र प्रधान ने संस्थानों द्वारा ‘‘इंजीनियरिंग, बहुविषयक अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और भविष्य के अन्य उभरते क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशने’’ की घोषणा किए जाने का स्वागत किया।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इस तरह के सहयोग हमारी अनुसंधान संस्कृति को समृद्ध करते हैं, हमारे विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षार्थियों के लिए नए अवसर खोलते हैं तथा वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने के लिए ज्ञान के स्थायी सेतु बनाते हुए भारत की बौद्धिक क्षमताओं को दुनिया तक पहुंचाते हैं।’’

केदारे ने कहा, ‘‘आईआईटी बंबई, एसयूएनवाई ओल्ड वेस्टबरी के साथ काम करने को लेकर उत्साहित है।…हमारी क्षमताएं एक-दूसरे की पूरक हैं, इसलिए हमारा मानना है कि यह साझेदारी नयी ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है।’’

सैम्स ने आईआईटी बंबई को विश्वस्तरीय संस्थान बताते हुए कहा कि उनका संस्थान एक ऐसी सीधी साझेदारी स्थापित करने को लेकर उत्साहित है, जो भौतिकी और इंजीनियरिंग जैसे विषयों में शिक्षण, नवोन्मेष एवं उत्कृष्टता को आगे बढ़ाएगी।

क्वात्रा ने इस अवसर पर दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक एवं प्रौद्योगिकी सहयोग मजबूत करने और अनुसंधान, नवोन्मेष तथा उच्च शिक्षा में गहरी साझेदारी विकसित करने के महत्व को रेखांकित किया।

जोशी ने आईआईटी बंबई और एसयूएनवाई ओल्ड वेस्टबरी के बीच साझेदारी को उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में भारत-अमेरिका साझेदारी का ‘‘नया और गौरवपूर्ण’’ तथा अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय बताया।

भाषा

सिम्मी रंजन

रंजन

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