Reported By: Vishal Vishal Kumar Jha
,CG High Court Latest Judgement/Photo Credit: AI
बिलासपुर। CG High Court Latest Judgement: छत्तीसगढ़ में कोर्ट ने बेटी से रेप के आरोपी पिता को कड़ी सजा सुनाई है। अपनी ही सौतेली बेटी को दरिंदगी कर गर्भवती बनाने वाले पिता को जिला न्यायालय की विशेष अदालत ने पॉक्सो कोर्ट ने अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश पूजा जायसवाल की कोर्ट ने अपने फैसले में तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी ने एक बच्ची के विश्वास और संरक्षण के अधिकार का घोर उल्लंघन किया है। इसके साथ ही कोर्ट ने पीड़िता को 7 लाख रुपए का मुआवजा देने की भी अनुशंसा की है।
CG High Court Latest Judgement दरअसल, पीड़िता की मां को उसका पहला पति कोरोना काल के दौरान छोड़कर चला गया था। इसके बाद महिला ने आरोपी के साथ चूड़ी विवाह कर लिया और दोनों पति-पत्नी की तरह रहने लगे। आरोपी परिवार चलाने के लिए पत्नी और उसकी 11 वर्षीय बेटी के साथ मुंबई चला गया, जहाँ वह एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत में गार्ड का काम करने लगा। घटना की शुरुआत 15 जुलाई 2023 को हुई, जब आरोपी बच्ची को एक सुनसान बिल्डिंग में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। जब बच्ची ने अपनी मां को यह बात बताने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसकी मां को जान से मारने और उन्हें बेसहारा छोड़कर चले जाने की धमकी दी। इस डर के कारण बच्ची चुप रही और आरोपी मुंबई से लेकर रतनपुर स्थित गांव के किराए के मकान पहुंचने तक लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा।
CG High Court Latest Judgement इधर दिसंबर में जब यह परिवार रतनपुर लौटा, तब आयुष्मान सर्वे के दौरान स्थानीय मितानिन स्मृति गोपाल की नजर बच्ची पर पड़ी। बच्ची का पेट असामान्य रूप से फूला देख मितानिन को संदेह हुआ। उन्होंने इसकी जानकारी बच्ची की मां को दी और उसे अस्पताल ले जाने की सलाह दी। सिम्स अस्पताल में कराई गई सोनोग्राफी रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बच्ची 8 माह की गर्भवती है। जिसके बाद मामला थाना पहुंचा।
CG High Court Latest Judgement 16 जुलाई 2024 को रतनपुर थाने में मामले की शुरुआती जांच में बच्ची की मां ने कुछ नशेड़ी युवकों पर संदेह जताया था, लेकिन तत्कालीन रतनपुर टीआई रजनीश सिंह को सौतेले पिता पर शक हुआ। सच्चाई सामने लाने के लिए पुलिस ने नवजात शिशु और आरोपी के रक्त के नमूने रायपुर स्थित राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा। डीएनए के मैच खाने की पुष्टि हुई। कोर्ट ने अपने फैसले में विवेचना और साक्ष्य संकलन को महत्वपूर्ण मानते हुए फैसला सुनाया।
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