Reported By: Rajesh Raj
,Indravati Tiger Reserve | Photo Credit: IBC24
रायपुर: Indravati Tiger Reserve 31 मार्च 2026 के बाद से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म हो चुका है, अब जो गृहमंत्री विजय शर्मा के अनुसार, बस्तर सहित पूरे राज्य से हथियारबंद नक्सली कैडर का सफाया हो चुका है और बचे हुए नक्सली सरेंडर कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ नक्स्लमुक्त होने के बाद अब बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। दरअसल, 35 साल बाद अब इंद्रावती टाइगर रिजर्व एरिया खुलने जा रहा है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहली बार पर्यटकों के लिए इंद्रावती टाइगर रिजर्व एरिया को खोला जाएगा।
Indravati Tiger Reserve इसके लिए वन विभाग ने पर्यटन प्रोजेक्ट का काम भी शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि इंद्रावती नदी के किनारे एक पर्यटन ग्राम (टूरिज्म विलेज) भी विकसित किया जाएगा। उसके पहले जिप्सी के जरिए टूरिस्ट को घुमने का मौका मिलेगा।
वहीं पर्यटकों की एंट्री के लिए कुटरू–फरसेगुड़ा की ओर से एक एंट्री प्वाइंट होगी। वहीं दूसरा एंट्री प्वाइंट भोपालपट्नम मट्टेमरगा की ओर से होगा। इन दोनों जगहों पर गेट बनाए जाएंगे और खास बात यह है कि लोकल लोगों को भी इस प्रोजेक्ट से जोड़ा जाएगा। यहां टूरिस्ट्स को टाइगर, वनभैंसा, गिद्ध समेत कई तरह के वाइल्डलाइफ देखने को मिल सकते हैं।
बता दें कि चार दशक पुराने माओवाद के खात्मे का 31 मार्च 2026 आखिरी दिन था। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दो साल पहले ‘लाल आतंक’ के खात्मे की डेडलाइन तय की थी। उन्होंने बताया था कि, राज्यों की पुलिस और केंद्रीय बलों के समन्वय के साथ 31 मार्च 2026 तक देशभर के सभी प्रभावित राज्यों को माओवाद से मुक्त कर दिया जाएगा।