Iran-US Ceasefire Latest Update: “सीजफायर में खलल डालेगा इजरायल, नहीं कर सकते भरोसा”.. अमेरिका के इस पूर्व सैनिक का सनसनीखेज दावा, दे दिया था इस्तीफा

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Iran-US Ceasefire Latest Update: पूर्व अमेरिकी सैनिक जो केंट का दावा, इजरायल सीजफायर बिगाड़ सकता है, अमेरिका की नीति पर उठाए गंभीर सवाल।

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  • Publish Date - April 8, 2026 / 12:44 PM IST,
    Updated On - April 8, 2026 / 02:29 PM IST

Iran-US Ceasefire Latest Update || Image- Al Arabiya file

HIGHLIGHTS
  • जो केंट का इजरायल पर बड़ा आरोप
  • सीजफायर तोड़ने की जताई आशंका
  • ईरान युद्ध पर दिया था इस्तीफा

न्यूयार्क: अमरीकी सेना के पूर्व सैनिक और सियासी उम्मीदवार रहें जो केंट ने एक वीडियो जारी करते हुए सनसनीखेज दावा किया है। बकौल जो केंट इजरायल इस युद्धविराम समझौते को विफल करने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि इज़राइल को रोकने और उसकी सैन्य फंडिंग बंद करने का यही सही समय है। (Iran-US Ceasefire Latest Update) उन्होंने कहा कि इज़राइल के शब्दों पर कभी भरोसा नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वे सरासर झूठे हैं।

कौन है जो केंट?

गौरतलब है कि, अमेरिका के शीर्ष आतंकवाद विरोधी अफसरों में से एक, जो केंट ने ईरान के खिलाफ अपने देश के युद्ध को लेकर इस्तीफा दे दिया था। पिछले महीने उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने इस्तीफे के पत्र की एक प्रति प्रकाशित की थी। इसमें उन्होंने अपना पत्र अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को संबोधित किया था।

45 वर्षीय केंट एक पूर्व राजनीतिक उम्मीदवार भी हैं। जो केंट को दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं से संबंधों को लेकर जांच का सामना करना पड़ा है। जो केंट इराक में अमेरिकी अगुवाई वाले युद्ध के दौरान किए गए दौरों सहित 11 युद्ध अभियानों को पूरा किया है। (Iran-US Ceasefire Latest Update) उनकी पहली पत्नी शैनन केंट अमेरिकी नौसेना में क्रिप्टोलॉजिक तकनीशियन थीं। 2019 में सीरिया में एक आत्मघाती बम हमले में मारी गईं। जो और शैनन के दो संताने हैं ,.

किया था ईरान पर हमले का विरोध

बता दें कि, जो केंट उन प्रमुख लोगों में से है जो ईरान पर हमले को लेकर अपने ही कर चुके है। पिछले महीने इस्तीफे के साथ उन्होंने लिखा था, “मैं ईमानदारी से ईरान में चल रहे युद्ध का समर्थन नहीं कर सकता। ईरान से हमारे देश को कोई तत्काल खतरा नहीं था, और यह स्पष्ट है कि हमने इजरायल और उसकी शक्तिशाली अमेरिकी लॉबी के दबाव के कारण यह युद्ध शुरू किया।”

इजरायल ने किया फैसले का स्वागत

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनका देश ईरान के साथ अमेरिका के युद्धविराम का समर्थन करता है, लेकिन इस समझौते में लेबनान में हिज्बुल्ला के खिलाफ लड़ाई शामिल नहीं है। (Iran-US Ceasefire Latest Update) नेतन्याहू के कार्यालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि इजराइल ईरान के खिलाफ दो सप्ताह तक हमले रोकने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का समर्थन करता है, बशर्ते ईरान तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य खोल दे और अमेरिका, इजराइल तथा क्षेत्र के देशों पर सभी हमले बंद कर दे। नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि इजराइल भी यह सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी प्रयासों का समर्थन करता है कि ईरान अब परमाणु या मिसाइल का खतरा न बने।

ईरान सीजफायर पर सहमत

गौरतलब है कि, मिडिल-ईस्ट में महीने भर से जारी भीषण जंग के फिलहाल थमने के आसार हैं। दरअसल ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने घोषणा की है कि वह चल रहे संघर्ष में दो हफ़्ते के युद्धविराम के लिए सहमत हो गई है। इसे लेकर शुक्रवार को इस्लामाबाद में संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बातचीत शुरू होने वाली है।

10 बिंदुओं वाले प्रस्ताव पर चाहिए US के सहमति

वही दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले बढ़ाने की अपनी पिछली धमकियों से कदम पीछे खींच लिए हैं। उन्होंने कहा है कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि ईरान युद्धविराम का पालन करता है या नहीं और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को फिर से खोलता है या नहीं। (Iran-US Ceasefire Latest Update) ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए 10-बिंदुओं वाला एक लम्बा-चौड़ा प्रस्ताव पेश किया है। स्टेट मीडिया द्वारा बताए गए और तेहरान के इस प्रस्ताव में, ईरान, इराक, लेबनान और यमन सहित कई मोर्चों पर शत्रुता को तत्काल रोकने के अपील की गई है, साथ ही युद्ध को पूरी तरह से समाप्त करने के मकसद से कई बड़ी मांगे भी शामिल हैं।

स्ट्रेट ऑफ़ हॉरमुज विवाद का केंद्र!

इस प्रस्ताव का मुख्य बिंदु ईरान के खिलाफ युद्ध को “पूरी तरह और स्थायी रूप से” समाप्त करने की अपील है, जिसके लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है, और इसके साथ ही सभी क्षेत्रीय संघर्षों को समाप्त करने की बात भी कही गई है। तेहरान ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को फिर से खोलने और इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के लिए गारंटी स्थापित करने की भी मांग की है। बता दें इस जलमार्ग से वैश्विक तेल शिपमेंट का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है और इस पूरे युद्ध में यह केंद्र विवाद का केंद्र रहा है।

क्या है ईरान की शर्तें

  1. इराक, लेबनान और यमन में युद्ध की पूर्ण समाप्ति
  2. ईरान के खिलाफ युद्ध की पूर्ण और स्थायी समाप्ति, जिसके लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है
  3. क्षेत्र में सभी संघर्षों की पूर्ण समाप्ति
  4. स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को फिर से खोलना
  5. स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में आवागमन की स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक प्रोटोकॉल और शर्तें स्थापित करना
  6. ईरान को पुनर्निर्माण लागत के लिए पूर्ण मुआवजे का भुगतान
  7. ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता
  8. संयुक्त राज्य अमेरिका के पास रखे ईरानी फंडों और फ्रीज़ की गई संपत्तियों को जारी करना
  9. ईरान पूरी तरह से प्रतिबद्ध है कि वह किसी भी परमाणु हथियार को हासिल करने का प्रयास नहीं करेगा
  10. लेबनान और दूसरे मोर्चों पर तुरंत हमले रोके जाएं

दावा किया गया है कि, इन शर्तों की मंज़ूरी मिलते ही सभी मोर्चों पर तत्काल युद्धविराम लागू हो जाएगा। (Iran-US Ceasefire Latest Update) इस प्रस्ताव के साथ-साथ, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने पुष्टि की है कि वह दो हफ़्ते के युद्धविराम के लिए सहमत हो गई है, जिसके दौरान इस्लामाबाद में संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बातचीत शुरू होने की उम्मीद है।

क्या कहा ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने

अधिकारियों ने ज़ोर देकर कहा कि यह विराम “युद्ध की समाप्ति का संकेत नहीं है।” विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान बातचीत के दौरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य से सुरक्षित समुद्री मार्ग की अनुमति देगा, हालाँकि यह उसके सशस्त्र बलों के समन्वय और “तकनीकी सीमाओं” के अधीन होगा। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि क्या यह महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग पर प्रतिबंधों में पूरी तरह ढील का संकेत है, जिस पर संघर्ष बढ़ने के बाद से ईरान का नियंत्रण रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि वह भी बदले में कदम उठाने को तैयार हैं। उन्होंने ईरान पर नियोजित हमलों को दो सप्ताह के लिए स्थगित करने की घोषणा की है, जो इस शर्त पर आधारित है कि जलडमरूमध्य को “पूरी तरह, तत्काल और सुरक्षित” रूप से फिर से खोला जाए। उन्होंने इस कदम को “दो-तरफ़ा संघर्ष-विराम” बताया, जिसका उद्देश्य कूटनीति के लिए गुंजाइश बनाना है।

ईरान-यूएस के बीच सुलझे ज्यादातर मुद्दे

ट्रम्प ने कहा कि यह निर्णय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के साथ चर्चा के बाद लिया गया और उन्होंने ईरान के प्रस्ताव को बातचीत के लिए एक “व्यावहारिक आधार” बताया। (Iran-US Ceasefire Latest Update) उन्होंने दावा किया कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच विवाद के अधिकांश प्रमुख मुद्दों को पहले ही सुलझा लिया गया है, और उम्मीद जताई कि यह अस्थायी विराम एक दीर्घकालिक समझौते का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।

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Q1. जो केंट ने इजरायल को लेकर क्या दावा किया है?

जो केंट ने कहा कि इजरायल सीजफायर समझौते को विफल करने की कोशिश कर सकता है।

Q2. जो केंट ने इस्तीफा क्यों दिया था?

उन्होंने ईरान के खिलाफ युद्ध का विरोध करते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया था।

Q3. जो केंट का अमेरिका की नीति पर क्या आरोप है?

उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इजरायल के दबाव में आकर ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया।