Councilor troubled by the problems of the ward did a unique performance
जांजगीर-चाम्पा। जिले के अकलतरा के वार्ड 14 से बड़ा मामला सामने आया है। नाली की समस्या से त्रस्त होकर वार्ड के पार्षद रोहित सारथी नाली में ही बैठ गए और ढाई घण्टे तक प्रदर्शन किया। पार्षद के आंदोलन की सूचना अफसरों को मिली तो वे मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आश्वासन के बाद पार्षद ने अपना आंदोलन खत्म किया। इस तरह ढाई घण्टे तक माहौल गरमाया रहा।
पार्षद का गंगाजल और दूध से स्नान
आंदोलन खत्म होने के बाद वार्डवासियों ने पार्षद रोहित सारथी को गंगा जल, दूध से स्नान कराया। इस तरह नाली में बैठकर पार्षद के आंदोलन की क्षेत्र में चर्चा होती रही। जिले में पहली बार ऐसा आंदोलन हुआ है, वहीं पार्षद को वार्डवसियों का भरपूर समर्थन भी मिला है। पार्षद रोहित सारथी ने बताया कि जनता को हो रही असुविधा एवं प्रशासन की अंधेरगर्दी से त्रस्त होकर उन्होंने यह कदम उठाया है। लगातार वार्डवासियों के साथ अन्याय हो रहा है, जिसे लेकर वे कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं। लिखित शिकायत भी दे चुके हैं, लेकिन शासन-प्रशासन के द्वारा इस विषय को गम्भीरता से नहीं लिया जा रहा है।
इन समस्याओं से त्रस्त हुए पार्षद
कुछ दिन पहले वार्ड के मंदिर के सौंदर्यीकरण को रुकवा दिया गया था। इसके बाद, जन सहयोग से उस मंदिर को रोहित सारथी के नेतृत्व में मोहल्ले वासियो ने निर्माण कार्य प्रारंभ किया था। इस दौरान रात के अंधेरे में अज्ञात लोगों के द्वारा निर्माण कार्य को तोड़ दिया गया था, जिसकी थाने में शिकायत भी की गई थी। इस पर अब तक कोई कार्रवाई नही हुई है। इसके बाद तीन दिन पूर्व वार्ड की नाली को बंदकर दिया गया। इससे त्रस्त होकर पार्षद रोहित सारथी नाली में ही बैठ गए, जिसके बाद मुख्य नगर पालिका अधिकारी अजय राजपूत, तहसीलदार जयश्री सतपथे, नायब तहसीलदार विश्वकर्मा, ग्राम पंचायत खिसोरा के सरपंच और जनता को दिए गए लिखित आश्वासन के पश्चात पार्षद रोहित सारथी नाली से बाहर निकले।
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