Janjgir Watermelon Food Poisoning : छत्तीसगढ़ में पहली बार अनोखा मामला! इस मौसमी फल के खाते ही बिगड़ने लगे बच्चों के तबीयत, अब तक इतने की मौत

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के धुरकोट गांव में तरबूज और चिकन खाने के बाद 5 बच्चे बीमार पड़ गए। इनमें से 15 वर्षीय एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 4 अन्य बच्चों का अस्पताल में उपचार जारी है।

Janjgir Watermelon Food Poisoning : छत्तीसगढ़ में पहली बार अनोखा मामला! इस मौसमी फल के खाते ही बिगड़ने लगे बच्चों के तबीयत, अब तक इतने की मौत

Janjgir Watermelon Food Poisoning / Credit : IBC24 / AI IMAGE

Modified Date: May 12, 2026 / 07:11 pm IST
Published Date: May 12, 2026 7:11 pm IST

जांजगीर : Janjgir Watermelon Food Poisoning छत्तीसगढ़ के जांजगीर क्षेत्र के धुरकोट गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ तरबूज और चिकन खाने के बाद 5 बच्चे बीमार हो गए। इनमें से 15 साल के एक बच्चे की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 4 अन्य बच्चों का उपचार जारी है। ये सभी बच्चे अपने मामा के गांव आए थे। इस घटना के बाद परिजनों में मातम पसरा है, वहीं प्रशासन और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है।

रात का ढका तरबूज़ दिन में खाया

दरअसल, अकलतरा क्षेत्र के पोड़ीदलहा, कोटगढ़, खटोला और नवागढ़ से 4 बच्चे धुरकोट गांव अपने मामा के घर आए थे। ( Dhurkot Village Incident ) 8 मई को उनकी नानी उर्मिला बाई ने जांजगीर से 2 तरबूज खरीदे थे। 9 मई को 17 वर्षीय नरेंद्र ने तरबूज खाया और बचे हुए तरबूज को कटा हुआ ही थाली से ढंककर रख दिया। अगले दिन 10 मई को दोपहर में अन्य 4 बच्चों ने वही तरबूज खाया और रात में चिकन भी खाया। रात 12 बजे के बाद से बच्चों को उल्टी शुरू हुई, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। इलाज के दौरान 15 वर्षीय अखिलेश धीवर की मौत हो गई, जबकि हितेश, भूपेंद्र, धीवर और एहतियातन नरेंद्र को भी अस्पताल में भर्ती किया गया है।

( Watermelon Food Poisoning  )परिवार के लोगों और गांव के 31 बच्चों की जांच

घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है क्योंकि प्रदेश में तरबूज खाने से मौत का यह पहला मामला माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर परिवार के लोगों और गांव के 31 बच्चों की जांच की है। खाद्य प्रशासन द्वारा तरबूज का सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया है और मृतक बच्चे का बिसरा प्रिजर्व किया गया है। डॉक्टर दीपक साहू के अनुसार, आर्गन में बदलाव दिखे हैं और केमिकल जांच के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल एसडीएम और तहसीलदार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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