Patthalgaon News: किसानों की बल्ले-बल्ले..! फसलों की बम्फर पैदावार का बेहतर मूल्य दिलवाएगा जिला प्रशासन, उठाया ये शानदार कदम

District administration will get better price for bumper yield of crops फसलों की बम्फर पैदावार का बेहतर मूल्य दिलवाएगा जिला प्रशासन

Patthalgaon News: किसानों की बल्ले-बल्ले..! फसलों की बम्फर पैदावार का बेहतर मूल्य दिलवाएगा जिला प्रशासन, उठाया ये शानदार कदम

District administration will get better price for bumper yield of crops

Modified Date: February 16, 2023 / 12:59 pm IST
Published Date: February 16, 2023 12:58 pm IST

District administration will get better price for bumper yield of crops: पत्थलगांव। छत्तीसगढ़ में टमाटर का सबसे अधिक उत्पादन लेने वाले पत्थलगांव क्षेत्र के किसानों की बम्फर पैदावार का बेहतर मूल्य दिलवाने के लिए अब जिला प्रशासन यंहा टमाटर प्रोसेसिंग यूनिट्स और फसल को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना तैयार कर रहा है। कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल का कहना है कि कृषि और फलोद्यान विभाग की टीम किसानों से सम्पर्क करके इस योजना पर काम शुरू कर दिया जाऐगा।

पत्थलगांव और बगीचा विकास खंड में तीन सौ से अधिक गांव के 20 हजार किसानों को टमाटर की दूसरी फसल के लिए थोक खरीददार नहीं मिल रहे है। इस वजह मजबूतीवश किसानों को महज 50 – 60 पैसे प्रति किलो के भाव पर ही टमाटर बेचने पड़ रहे हैं। जशपुर जिले में टमाटर उपज का रकबा 10 हजार एकड़ से बढ़ कर 17 हजार एकड़ से अधिक हो जाने के कारण बाजारों में चारों ओर केवल टमाटर के ही टोकरे दिखाई देते हैं। टमाटर की अधिक आवक होने से थोक सब्जी व्यापारियों व्दारा भाव घटा कर अब महज 50 – 60 पैसे प्रति किलो के भाव पर ही टमाटर की खरीदी की जा रही हैं।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव का कहना है कि किसानों के लिए टमाटर फसल को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज और टमाटर प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने का सुझाव आया है। इस प्रस्ताव पर जिला प्रशासन ने भी ठोस योजना पर सहमति दी है। यहां अधिक टमाटर उत्पादन और किसानों को कम भाव का नुकसान से बचाने के लिए टमाटर प्रोसेसिंग व कैचअप बनाने की योजना लाभदायक सिद्ध हो सकती है। दरअसल, कम सिंचाई से अच्छा मुनाफा को देख कर किसानों व्दारा लगातार टमाटर फसल का रकबा मे बढ़ोत्तरी की जा रही है, लेकिन दो महीने से यंहा टमाटर का भाव मे लगातार गिरावट के बाद अब पचास रुपये प्रति कांंवर (40 किलो) में भी थोक व्यापारी खरीदी नहीं कर रहे हैं।

पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओड़ीसा के थोक सब्जी व्यापारियों की यंहा कम रूचि के कारण किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य नहीं मिल रहा है। खेतों से टमाटर की उपज को सब्जी मंडी में ले जाने के बाद मजदूरों का भुगतान भी नहीं मिल पाने से किसान अपनी फसल को खेतों में छोड़ने के लिए मजबूर हो रहें हैं। टमाटर के भाव में भारी गिरावट आ जाने से पत्थलगांव के किसानों ने टमाटर की फसल को खेतों में ही छोड़ दिया है।

पत्थलगांव, बगीचा और फरसाबहार विकासखंड में तीन सौ अधिक गांव में बीस हजार किसान टमाटर की दो फसल लेते हैं। दिसंबर फरवरी महिने में आने वाली दूसरी फसल के समय पड़ोसी राज्यों में भी टमाटर की फसल तैयार हो जाने से थोक व्यापारियों का पत्थलगांव लुड़ेग आना कम हो जाता है। इस वर्ष यंहा फिर से टमाटर का अधिक उत्पादन किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। पत्थलगांव में चिकनीपानी, लुड़ेग क्षेत्र के किसानों का कहना है कि इन दिनों सब्जी मंडी में टमाटर के थोक व्यापारी नदारद हो जाने से उनकी फसल खेतों में ही खराब हो रही है। टमाटर फसल के भाव में भारी गिरावट के कारण वे अपने मवेशियों को ही इस फसल को खिला रहे हैं।

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