Jashpur Water Crisis Chhattisgarh / Image Source : screengrab
जशपुर : Jashpur Water Crisis Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के ग्राम पंचायत पंडरीपानी कटहरपार में आज भी पेयजल संकट ग्रामीणों की सबसे बड़ी समस्या बना हुआ है। विकास और मूलभूत सुविधाओं के दावों के बीच गांव के सैकड़ों लोग खेत में बने कच्चे कुएं और ढोढ़ी का मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी में हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि ग्रामीणों के सामने पीने के पानी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। आखिर क्यों दशकों बाद भी इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया ?
पंडरीपानी कटहरपार के ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले करीब 30 वर्षों से पेयजल संकट झेल रहे हैं। गांव में लगे कई हैंडपंप खराब पड़े हैं, जबकि पथरीली जमीन होने के कारण नई बोरिंग भी सफल नहीं हो पा रही है। ऐसे में ग्रामीण मजबूरीवश खेत में बने कच्चे कुएं और ढोढ़ी से पानी लाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हो सका। गंदे पानी के उपयोग से गांव में जलजनित बीमारियों का खतरा भी लगातार बना हुआ है। वहीं ग्रामीणों ने सरपंच पर भी समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाया है
दूसरी ओर, पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता एस.बी. सिंह का कहना है कि यह क्षेत्र ट्राई-जोन में होने के कारण बोरिंग की सफलता की संभावना कम रहती है। विभाग द्वारा फिलहाल कुएं के जीर्णोद्धार और जल स्रोत को साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि अस्थायी उपायों से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से गांव में जल्द स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।