श्रीकृष्ण के सत्य, धर्म, कर्म और लोकमंगल के संदेश को जीवन में उतारें : योगी आदित्यनाथ

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श्रीकृष्ण के सत्य, धर्म, कर्म और लोकमंगल के संदेश को जीवन में उतारें : योगी आदित्यनाथ

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  • Publish Date - August 31, 2026 / 12:23 PM IST,
    Updated On - August 31, 2026 / 12:23 PM IST

लखनऊ, 31 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्र लिखकर प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनसे भगवान श्रीकृष्ण के सत्य, धर्म, कर्म तथा लोकमंगल के संदेशों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया।

उन्होंने प्रदेशवासियों से इन संदेशों को आत्मसात करते हुए विकसित और गौरवशाली उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लेने की भी अपील की। उत्तर प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव चार सितंबर को मनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि योगेश्वर श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन लोककल्याणकारी शासन की मूल भावना की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसी भावना के अनुरूप सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान और सुरक्षा देने, उत्तर प्रदेश को गरीबी से मुक्त करने, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, अन्नदाताओं को सहारा देने और बेटियों को बेटों के समान आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए काम कर रही है।’’

योगी ने कहा कि श्रीकृष्ण कुलीनता के नहीं, बल्कि समरसता के प्रतीक हैं। वह समाज के हर वर्ग के साथ खड़े रहे। द्वारकाधीश होने के बावजूद सुदामा के आत्मीय मित्र बने रहे।

उन्होंने कहा कि सुदामा के साथ श्रीकृष्ण की मित्रता यह संदेश देती है कि सच्चे संबंध पद, प्रतिष्ठा या संपन्नता से नहीं, बल्कि आत्मीयता से बनते हैं। समरसता, समानता और आत्मीयता आज के समाज की भी आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘असत्य और अन्याय के अंधकार के बीच भगवान श्रीकृष्ण के रूप में सत्य और धर्म का प्रकाश प्रकट हुआ। उनकी बाल लीलाएं केवल आनंद देने वाली कथाएं नहीं हैं, बल्कि उनमें गहरे आध्यात्मिक संदेश निहित हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘माखन चोरी की लीला सहजता और निश्छलता का संदेश देती है, जबकि गोप-गोपियों के साथ उनकी आत्मीयता प्रेम और सामाजिक समरसता की सीख देती है। कालिय नाग के दमन की लीला अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देती है।’’

उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन बताता है कि समाज की वास्तविक शक्ति सामूहिक सहयोग में निहित है। गोवर्धन पर्वत धारण कर उन्होंने प्रकृति, पशुधन और कृषि आधारित जीवन के संरक्षण का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके संदेशों की पावन भूमि है। मथुरा, गोकुल, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और नंदगांव आज भी सनातन सांस्कृतिक चेतना के जीवंत केंद्र हैं।

भाषा आनन्द

मनीषा खारी

खारी