Jhiram Ghati Naxal attack Hearing: झीरम नक्सली हमले पर फाइनल हियरिंग आज, 27 कांग्रेस नेताओं की हुई थी हत्या /image: Social Media
जगदलपुर। Jhiram Ghati Naxal attack Hearing: छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित और दिल दहला देने वाले झीरम नक्सल हमले पर आज 10 अगस्त को अंतिम बहस होगी। बता दें कि जगदलपुर के NIA कोर्ट में लंबे समय से बहस चल रही है। इस मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ केस चल रहा है। इनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है। अन्य सभी आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में सुनवाई जारी है।
जानकारी के अनुसार मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 101 गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए हैं। गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अब मामला अंतिम बहस के चरण में पहुंच गया है। अब सबकी नजर आज होने वाली सुनवाई के फैसले पर टिकी होगी कि कोर्ट कितने आरोपियों को दोषी ठहराता है और कितनों को राहत मिलती है।
Jhiram Ghati Naxal attack Hearing साल 2013 के आखिर में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने वाले थे। पिछले 2 बार से भाजपा की सरकार थी। 10 सालों से सत्ता से दूर कांग्रेस पूरा जोर लगाना चाह रही थी। कांग्रेस ने पूरे राज्य में परिवर्तन यात्रा निकालने का ऐलान किया है। 25 मई 2013 को सुकमा जिले में परिवर्तन यात्रा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के बाद कांग्रेस नेताओं का काफिला सुकमा से जगदलपुर जा रहा था। 25 गाड़ियों में करीब 200 लोग थे। कांग्रेस नेता कवासी लखमा, नंदकुमार पटेल, दिनेश पटेल, महेन्द्र कर्मा, मलकीत सिंह गैदू और उदय मुदलियार समेत छत्तीसगढ़ कांग्रेस के लगभग सभी शीर्ष नेता काफिले में शामिल थे।
Jhiram Ghati Naxal attack Hearing शाम को 4 बजे काफिला जैसे ही झीरम घाटी से गुजरा, तभी नक्सलियों ने पेड़ गिराकर रास्ता रोक दिया। कोई कुछ समझ पाता उससे पहले ही पेड़ों के पीछे छिपे 200 से ज्यादा नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। करीब डेढ़ घंटे तक गोलियां चलती रहीं। इसके बाद नक्सलियों ने एक-एक गाड़ी को चेक किया। जिन लोगों की सांसें चल रहीं थी उन्हें फिर से गोली मारी। जिंदा लोगों को बंधक बनाया। हमले में 32 से भी ज्यादा लोगों की मौत हुई। बताया जाता है कि नक्सलियों का मुख्य टारगेट बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा थे। इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि नक्सलियों ने कर्मा को करीब 100 गोलियां मारी थीं और चाकू से शरीर पूरी तरह छलनी कर दिया था। बताया जाता है कि नक्सलियों ने उनके शव पर चढ़कर डांस भी किया था।
ये भी पढ़ें