Kanker Naxali Surrender News: डेडलाइन के बाद लाल आतंक को एक और बड़ा झटका, अब इस जगह मोस्ट वांटेड नक्सली के ‘करीबी’ ने डाले हथियार, खोले कई गुप्त राज

Kanker Naxali Surrender News: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत लगातार बड़ी सफलताएं मिल रही हैं। मोस्ट वांटेड नक्सली रूपी के सुरक्षा गार्ड ने आत्मसमर्पण कर दिया है।

Kanker Naxali Surrender News: डेडलाइन के बाद लाल आतंक को एक और बड़ा झटका, अब इस जगह मोस्ट वांटेड नक्सली के ‘करीबी’ ने डाले हथियार, खोले कई गुप्त राज

naxali surrender/ image source: IBC24

Modified Date: April 2, 2026 / 12:26 pm IST
Published Date: April 2, 2026 12:24 pm IST
HIGHLIGHTS
  • कांकेर- नक्सलियों के सरेंडर का सिलसिला जारी
  • मोस्ट वांटेड नक्सली रूपी की सुरक्षा गार्ड ने किया सरेंडर
  • रामको मंडावी है रावघाट एरिया कमेटी की मेंबर

Kanker Naxali Surrender News: कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत लगातार बड़ी सफलताएं मिल रही हैं। इसी कड़ी में एक और अहम घटना सामने आई है, जहां मोस्ट वांटेड नक्सली रूपी के सुरक्षा गार्ड ने आत्मसमर्पण कर दिया है। बताया जा रहा है कि सरेंडर करने वाला नक्सली लंबे समय से रावघाट एरिया में सक्रिय था और संगठन के लिए काम कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, क्योंकि इससे नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिलेगी।

इस पूरे नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रही है

जानकारी के अनुसार, रामको मंडावी, जो रावघाट एरिया कमेटी की सदस्य है, इस पूरे नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रही है। सुरक्षाबलों को इनपुट मिला है कि वह अभी भी सक्रिय है और उसकी तलाश तेज कर दी गई है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली से पूछताछ के आधार पर पुलिस और सुरक्षा बल अब गांव-गांव में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। खासतौर पर छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के माछपल्ली गांव में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है, जहां रूपी और उसके सहयोगियों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने क्या बताया

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली ने संगठन के कई महत्वपूर्ण राज खोले हैं, जिससे आगे की कार्रवाई में मदद मिल रही है। सुरक्षाबल अब इलाके में लगातार दबिश दे रहे हैं और बाकी नक्सलियों को भी सरेंडर करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि सरकार की सरेंडर पॉलिसी और लगातार दबाव के चलते नक्सलियों का मनोबल टूट रहा है, जिसका असर अब साफ दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में और भी बड़े खुलासे और सरेंडर होने की संभावना जताई जा रही है।

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लेखक के बारे में

पत्रकारिता और क्रिएटिव राइटिंग में स्नातक हूँ। मीडिया क्षेत्र में 3 वर्षों का विविध अनुभव प्राप्त है, जहां मैंने अलग-अलग मीडिया हाउस में एंकरिंग, वॉइस ओवर और कंटेन्ट राइटिंग जैसे कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया। IBC24 में मैं अभी Trainee-Digital Marketing के रूप में कार्यरत हूँ।