Reported By: Prakash Kumar Nag
,Keshkal Electricity News / Image Source : IBC24
केशकाल : Keshkal Electricity News केशकाल के जामगांव में बन रहा 132 केवी सब स्टेशन अब राहत से ज्यादा लोगों के गुस्से की वजह बनता जा रहा है। एक तरफ पूरा केशकाल विधानसभा क्षेत्र इन दिनों लगातार लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहा है, जिसके चलते किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो रही है और किसान सड़कों पर उतर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य कछुआ चाल से आगे बढ़ रहा है। लो-वोल्टेज की समस्या से परेशान किसान आए दिन आंदोलन और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दे रहे हैं।
हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि यह मुद्दा अब जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरकर सामने आ चुका है। इसके बावजूद 132 केवी सब स्टेशन के निर्माण की धीमी गति कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जब IBC24 के संवाददाता ने बिजली विभाग के अधिकारियों से बात करनी चाही, तो उन्होंने मीडिया के सामने किसी भी प्रकार का जवाब देने से इनकार कर दिया। इससे साफ साबित होता है कि बिजली विभाग के अधिकारी अपनी लापरवाहियों पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं।
क्षेत्र में लगातार बढ़ते जनाक्रोश के बीच कोंडागांव कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना खुद केशकाल पहुँचीं और निर्माणाधीन सब स्टेशन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई और साफ निर्देश दिए कि बारिश से पहले हर हाल में काम पूरा किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि यह प्रोजेक्ट किसानों और आम जनता के लिए बेहद अहम है, क्योंकि लो-वोल्टेज की समस्या से खेती-किसानी तक प्रभावित हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हालांकि कलेक्टर लगातार निरीक्षण कर इस पूरे निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग कर रही हैं, लेकिन उनके दबाव के बावजूद काम निर्धारित समयावधि से पहले पूरा होता हुआ नजर नहीं आ रहा है। Kondagaon Collector Action यह स्थिति अपने आप में सिस्टम की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब इस लेटलतीफी को लेकर विद्युत विभाग के अधिकारियों से सवाल किया गया, तो वे मीडिया के सामने कुछ भी बोलने से बचते नजर आए। फिलहाल, जामगांव का 132 केवी सब स्टेशन विकास का वादा कम और प्रशासनिक सुस्ती व जवाबदेही की कमी की बड़ी मिसाल बनता जा रहा है।